बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में डेंजर जोन में पहुंच चुकी खदानों में लगा प्रतिबंध प्रशासन ने हटा लिया है। गहरी खाई बन चुकी 46 में से 25 खदानों में लीज धारकों ने मनमानी ढंग से काम भी शुरू कर दिया। खान सुरक्षा निदेशालय ने सिर्फ सुधारात्मक काम की इजाजत दी है मगर वीआईपी सिंडिकेट खदानों में अवैध रूप से पत्थर का परिवहन करा रहा है। इनमें पांच खदानों में अवैध खनन में कार्रवाई हो चुकी है जबकि छह खदानों में हादसे हो चुके हैं।
बिल्ली मारकुंडी खनन क्षेत्र में खतरनाक हो चुकी खदानों में अक्तूबर माह में तत्कालीन डीएम संजय कुमार ने 48 खदानों में खनन पर रोक लगा दी थी। ये खदानें धारा 22 के तहत खनन सुरक्षा निदेशालय वाराणसी परिक्षेत्र की ओर से पूर्व में भी प्रतिबंधित की गई थी बावजूद इसके खनन माफिया पत्थर तोड़ते रहे।
इस दौरान आराजी संख्या 4448 ग, 4450, 4920, 4921, 4922, 7402 क, 7403, 7404, 7414 ख, 7415 ख में हादसे हो चुके हैं। जबकि आराजी संख्या 7618, 7536 घ, 7407 के लीज संचालक पर अवैध खनन की कार्रवाई हो चुकी है। वहीं आराजी संख्या 5593 क, 5593 क, 4478 छ पत्थर की खदानें डेंजर जोन में पहुंच चुकी हैं। बावजूद इन खदानों में सुरक्षा के नाम पर सुधारात्मक काम की इजाजत दे दी गई।
हैरानी की बात है कि राजस्व् विभाग की टीम भी इस खदानों को बंद करने की रिपोर्ट दे चुकी है। बावजूद खनन हो रहा है। खनन से प्रतिबंध हटाई खदानों में बसपा के पूर्व विधायक एवं पूर्व में वीआईपी सिंडिकेट में शामिल एक व्यक्ति की तीन, सपा के नेता की दो और वर्तमान में वीआईपी सिंडिकेट के साथ ही अन्य प्रभावशाली लोगों की खदाने हैं। खान अधिकारी आरपी सिंह ने कहा कि डेंजर जोन में पहुंच चुकी खदानों में सिर्फ सुधारात्मक काम ही हो रहा है। किसी को यहां से पत्थर परिवहन करने की इजाजत नहीं दी गई है।