फासिल्स पार्क के अस्तित्व पर संकट
सलखन में स्थित करीब 150 करोड़ वर्ष पुराना फासिल्स पार्क के अस्तित्व पर फिर से संकट के बादल मंडराने लगे हैं। भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए अमूल्य वैज्ञानिक धरोहर को हर रोज क्षति पहुंचाई जा रही है। लोग जीवाश्म को हथौड़े से चोट पहुंचा रहे हैं। शुक्रवार को तो किसी ने जानबूझकर पार्क में आग लगा दी। करीब 1.5 हेक्टेयर क्षेत्र में आग से न सिर्फ फासिल्स का स्वरूप बदल गया, बल्कि वनस्पतियां भी आग की भेंट चढ़ गईं।
राबर्ट्सगंज से 15 किलोमीटर दूर सलखन में स्थित फासिल्स पार्क पर्यटन का केंद्र बना हुआ है। कभी क्षेत्रीय लोग उस पर हथौड़ा चलाते हैं तो ऐतिहासिक धरोहर को देखने आने वाले पर्यटक फासिल्स के कुछ हिस्से को साथ ले जाने की फिराक में उस पर चोट पहुंचाते हैं। पर्यटन के नजरिये से बढ़ावा देने के लिए इसका सुंदरीकरण कराया। मई, वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दो करोड़ की धनराशि जारी की थी।
फासिल्स को दीवार बनाकर घेर दिया गया मगर सुरक्षा का कोई विशेष इंतजाम नहीं है। दिन में एक चौकीदार रहता है जबकि यहां कम से चार चौकीदार की जरूरत है। शनिवार को इस परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई।इससे फासिल्स के अस्तित्व को लेकर स्थानीय लोग परेशान हैं। गुर्मा वन रेंज के वन क्षेत्राधिकारी एसएन त्रिपाठी कहते हैं कि किसी बच्चे ने शरारत में आग लगा दी है। इससे सिर्फ पेड़ों के गिरे पत्ते जले हैं। फासिल्स को किसी तरह की क्षति नहीं पहुंचा जा रही है।