सोनभद्र। चोपन विकास खंड के ग्राम पंचायत कोटा के ग्राम प्रधान के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच में प्रथम दृष्टया पाए गए 178.261 लाख की वित्तीय अनियमितता की जांच तेज हो गई है। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने बीडीओ चोपन से संबंधित कार्यों के स्टीमेट, मस्टररोल समेत अन्य अभिलेखों को तलब किया है।
22 जून को एडीएम ने कोटा में 178.261 लाख की वित्तीय अनियमितता की अंतिम जांच के लिए कमेटी के सदस्यों खंड विकास अधिकारी चोपन एवं सदस्यों की बैठक की थी। एडीएम ने पंकज कुमार मौर्य ग्राम पंचायत विकास अधिकारी कोटा से वांछित अभिलेख उपलब्ध कराए जाने की अपेक्षा की। लेकिन सेक्रेटरी द्वारा अवगत कराया गया कि कोटा क्षेत्र में उनकी तैनाती 16 जनवरी 2020 को हुई है, लेकिन पूर्व के व वर्तमान में निलंबित चल रहे सेकेट्ररी द्वारा उन्हें चार्ज नहीं दिया गया है। जबकि उक्त क्षेत्र का चार्ज/अभिलेख उपलब्ध कराए जाने हेतु बीडीओ चोपन को संबोधित पत्र दिया जा चुका है। लेकिन अभी तक उन्हें चार्ज/अभिलेख हस्तगत नहीं कराया गया। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि सेके्रटरी का चार्ज/अभिलेख किसी अभिरक्षा में स्पष्ट नहीं किया जा सका। जबकि खंड विकास अधिकारी चोपन तथा डीपीआरओ का यह दायित्व था कि वह उस क्षेत्र का चार्ज संबंधित से तत्काल दिलवाते यदि संबंधित कर्मचारी द्वारा चार्ज हस्तगत नहीं किया जा रहा था तो सर्च वारंट निर्गत कराते हुए मजिस्ट्रेट के माध्यम से चार्ज दिलवाना चाहिए था। बीडीओ चोपन को लिखित सूचना के बावजूद भी प्रकरण में किसी भी तरह की सूचना एवं संबंधित ग्राम का अभिलेख न कराए जाने के कारण प्रकरण मेें कार्यवाही नहीं की जा सकी। कहा कि बीडीओ चोपन को ग्राम पंचायत कोटा में कराए गए समस्त कार्यों के स्टीमेट, मस्टररोल, माप पुस्तिका, कार्य के सापेक्ष भुगतान की स्थिति (जिस भी दशा में भुगतान किया गया हो) की प्रमाणित छायाप्रति, संबंधित अवर अभियंता एवं ग्राम विकास अधिकारी के साथ 29 जून को उपस्थित होने को कहा गया है।