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Sonebhadra News: रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी

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सोनभद्र। चुर्क में रविवार की दोपहर में कवि दिलीप सिंह दीपक के आवास पर काव्य दीप साहित्य संस्था की तरफ से रंगोत्सव कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें कवियों ने रचनाएं सुनाकर वाहवाही लूटी।
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दिवाकर द्विवेदी मेघ ने - तेरे चरण की वंदना मां हम सदा करते रहें... सुनाकर आगाज किया। शहीद स्थल प्रबंधन ट्रस्ट करारी के निदेशक प्रदुम्न त्रिपाठी ने - वीरों ने होली खून से खेली फांसी चढे़ जय हिंद थी बोली, केसरिया रंग रंगा रसिया फागुन में.. सुनाकर वाहवाही बटोरी। सुधाकर पांडेय स्वदेश प्रेम ने - खेलन आई होरी सुंदरी, खेलन आई होरी... सुनाया। दयानंद दयालू ने - सोनभद्र हमार उड़े जहां रंगवा अबीरिया... सुनाकर माहौल को ऊंचाई प्रदान की। धर्मेश चौहान ने - लगता है भंवरा बन कर पास तेरे आऊं जब तूं मुस्काती है... सुनाया। सोन साहित्य संगम के संयोजक राकेश शरण मिश्र ने - करुण रस का संचार कर दिया। प्रभात सिंह चंदेल ने वीर रस की रचना सरहद के जवानों को समर्पित कर सुनाई। संयोजक दिलीप सिंह दीपक ने - रंग उड़ाने लगे मुरारी भस्म उड़ाते हैं त्रिपुरारी.. सुनाया। जयराम सोनी ने हास्य व्यंग्य सुनाकर श्रोताओं को देर तक हंसाया। कवयित्री कौशल्या चौहान ने - कितना सुंदर देश हमारा, खुदा ने खुश होकर धरती पर खुद है स्वर्ग उतारा... सुनाकर मंत्रमुग्ध कर दिया। मेघ दिवाकर द्विवेदी और दिव्या राय ने भी रचनाएं सुनाईं। अध्यक्षता अजय चतुर्वेदी व संचालन अशोक तिवारी ने किया। इस मौके पर निहाल यादव, अश्विनी कुमार, शुभम, मुकेश, अनुराग आदि रहे।
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