रीवा से आई लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार के दोपहर रिश्वत के 20 हजार रुपये लेते वन कर्मी को रंगे हाथ दबोच लिया। कर्मी एसडीओपी फारेस्ट के कार्यालय में रीडर है।
सिंगरौली के मोरवा इलाके में डीएफओ कार्यालय से लगे एसडीओपी कार्यालय में लोकायुक्त की छह सदस्यीय टीम ने दोपहर करीब डेढ़ बजे छापेमारी की। इंस्पेक्टर अशोक पांडेय ने बताया कि पिछले साल मार्च में चितरंगी के रतिभान साकेत की पिकअप लकड़ी के साथ वन विभाग के लोगों ने बरगवां इलाके से पकड़ी थी।
बाद में रतिभान ने लकड़ी से संबंधित कागजात पेश किया। इस मामले में वन विभाग की ओर से की गई कार्रवाई को समाप्त करने के लिए एसडीओपी के रीडर गोविंद प्रताप सिंह ने एक लाख रुपये की मांग की। सौदा 70 हजार रुपये में तय हुआ। इसकी शिकायत पीड़ित ने लोकायुक्त से की थी।
लोकायुक्त रीवा के एसपी टीके विद्यार्थी के निर्देश पर पहुंची टीम ने 20 हजार की नोटाें में पाउडर लगाकर पीड़ित से रीडर को देने को कहा। जैसे ही रीडर के हाथ में रकम आई उसने जेब में डाल लिया। इसके बाद टीम ने रुपये बरामद कर रीडर के हाथ धुलवाए। टीम में शामिल रहे दूसरे निरीक्षक जितेंद्र तिवारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। सरकारी कर्मी होने के चलते गिरफ्तारी नहीं की गई।