डायट परिसर राबर्ट्सगंज में बुधवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में दो ऐसी दुल्हनें भी थीं, जिनकी इंटर की बोर्ड परीक्षा थी। उन्हें समय से परीक्षा में शामिल कराने के लिए दो घंटे पहले ही शादी कराई गई। विवाह की रस्में पूरी होते ही दोनों दुल्हनें मंडप से सीधे परीक्षा केंद्र के लिए रवाना हो गई। विवाह समारोह में कुल 219 जोड़ों की शादी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ। वहीं चार मुस्लिम जोड़ों ने निकाह कबूल किया।
घोरावल ब्लॉक के रघुनाथपुर (राजपुर) की रहने वाली रिंकी की शादी उभ्भा गांव निवासी कांग्रेस से तय हुई थी। दोनों ने सामूहिक विवाह के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया था। इसी बीच इंटरमीडिएट में पढ़ाई कर रही रिंकी की परीक्षा शुरू हो गई। 28 फरवरी को वह सामूहिक विवाह आयोजन स्थल पर पहुंची और बोर्ड परीक्षा के बारे में जिला समाज कल्याण अधिकारी को जानकारी दी।
इस पर समाज कल्याण अधिकारी ने कार्यक्रम के तय समय से दो घंटे पहले ही अलग मंडप में रिंकी की शादी कराई। इसके बाद रिंकी को लेकर उसका पति कांग्रेस इंटर की परीक्षा दिलाने के लिए नन्हकूराम इंटरमीडिएट कॉलेज शाहगंज रवाना हुआ।
इसी तरह से घोरावल क्षेत्र पेढ चोरपनिया गांव के रहने वाले रामबली की पुत्री रागिनी की शादी भी दो घंटे पहले कराई गई। रागिनी की शादी मिर्जापुर क्षेत्र के रहने वाले युवक से हुई। शादी के बाद वह भी इंटर की परीक्षा देने के लिए रवाना हुई। दोनों जोड़ी की शादी चर्चा का विषय बनी रहीं।
पांच ब्लॉक से 284 जोड़ों का हुआ था पंजीकरण
समाज कल्याण विभाग की तरफ से ब्लॉकवार सामूहिक विवाह न कराकर इस बार पांच ब्लॉक का एक साथ डायट परिसर में सामूहिक विवाह कराया गया। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह के लिए पांचों ब्लॉक से 284 जोड़ों ने पंजीकरण कराया था। मगर सामूहिक विवाह में 223 जोड़ें ही पहुंचें। इसमें 219 जोड़ों की शादी वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हिन्दू रीति रिवाज से कराया गया।
वहीं चार मुस्लिम जोड़ों का निकाह हुआ। राबर्ट्सगंज ब्लॉक के 76, घोरावल के 57, करमा के 16, चतरा के 50 और नगवां ब्लॉक के 24 जोड़ों की शादी कराई गई। विवाह के दौरान सांसद पकौड़ी लाल कोल, भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता, डीएम चंद्रविजय सिंह, सीडीओ सौरभ गंगवार, डीडीओ शेषनाथ चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, जिला कृषि अधिकारी डाॅ. हरिकृष्ण मिश्र आदि रहे।
नहीं मिले सामान्य वर्ग के जोड़े
सामूहिक रूप से विवाह आयोजन से सामान्य वर्ग इस बार दूर बनाया रखा। बुधवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह आयोजन में सबसे अधिक एससी वर्ग के 155 जोड़ों की शादी हुई। एसटी वर्ग के 27, ओबीसी वर्ग के 37 जोड़ों की शादी कराई गई। वहीं अल्पसंख्यक वर्ग के चार जोड़ों ने निकाह कबूल किया। वहीं सामान्य वर्ग से एक भी जोड़े का पंजीकरण नहीं हुआ है।
आचार्यों की रही कमी
सामूहिक विवाह के दौरान आचार्यो की कमी रहीं। इससे सामूहिक विवाह के दौरान जोड़ों को रश्मे पूरी करने में दिक्कत हुई। मुख्य आचार्य नीरजानंद शास्त्री के माइक से बताएं अनुसार जोड़े विवाह की रस्में पूरी की। अंत में हवन कुंड में आहूति डाली। सामूहिक विवाह आयोजन के दौरान सिर्फ 11 आचार्य ही उपस्थित रहे।