घोरावल। उभ्भा कांड की बरशी के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था तगड़ी कर दी गई है। एसपी के निर्देश पर उभ्भा को पूरी तरह सील कर दिया गया है।,ताकि परिंदा भी पर न मार सकें। घोरावल से लेकर उभ्भा तक चप्पे-चप्पे पर फोर्स व पीएसी तैनात की गई है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर फिलहाल बाहरी व्यक्तियों को उभ्भा जाने से रोक दिया गया है।
उभ्भा में 17 जुलाई 2019 को जमीनी विवाद में हुए खूनी संघर्ष में जमकर असलहे, लाठी डंडे चले थे। जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी और काफी लोग घायल हुए थे। उभ्भा कांड के पीड़ितों एवं आदिवासी समुदाय द्वारा पिछले कई दिनों से बरसी व श्रद्धांजलि कार्यक्रम घटनास्थल पर 11 मृतकों की तस्वीर् को रखकर मनाने की तैयारियों में जुटे हैं। इसकी भनक लगते ही तीन दिन पहले उभ्भा में डीएम व एसपी चौपाल लगाया था। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़ व अन्य लोगों ने घटनास्थल पर सामूहिक रूप से बरशी मनाने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अधिकारियों ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। बावजूद इसके आदिवासी समुदाय उभ्भा कांड की बरशी मनाने के लिए तैयारियों में जुटा है। वहीं डीएम और एसपी के निर्देश पर उभ्भा गांव के चारों तरफ तीन किलोमीटर के एरिया को बैरियर लगाकर बुधवार को ही सील कर दिया गया। शाहगंज, सूअरसोत, कर्मा, पुलिस लाइन, हाथीनाला, पन्नूगंज, रायपुर, राबर्ट्सगंज, चोपन, कोन, म्योरपुर, ओबरा, महिला थाना, घोरावल, शिवद्वार इत्यादि थानों के अलावा पीएसी की तैनाती विभिन्न स्थानों पर की गई है।