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Sonebhadra News: ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से जुड़ी रंगोली बनाई

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दुद्धी। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में चल रहे समर कैंप के तीसरे दिन डीआईओएस ने जिले के विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दुद्धी, पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज दुद्धी, राजकीय हाईस्कूल दिघुल और राजकीय इंटर कॉलेज गुरमुरा में भ्रमण के दौरान बच्चों की सृजनशीलता और रचनात्मक क्रियाकलापों को सराहा। छात्राओं ने ऑपरेशन सिंदूर की सफलता से जुड़ी रंगोली बनाई।
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शुक्रवार को विद्यार्थियों ने योगा, व्यायाम, रंगोली और क्ले आर्ट से कलाकृति बनाने की शिक्षा ली। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज दुद्धी की प्रधानाचार्या रितिका श्रीवास्तव के दिशा-निर्देश पर छात्राओं ने आकर्षक रंगोली बनाई। यह ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित है। राजकीय इंटर कॉलेज दुद्धी में प्रधानाचार्य अजय कुमार सिंह, शिक्षक अभिजीत, संजय, चंद्र प्रकाश के निर्देश पर छात्रों ने मिट्टी की कलाकृति और रंगोली बनाई। राजकीय हाईस्कूल दिघुल में प्रधानाध्यापक अरुण कुमार मिश्र और शिक्षक सत्य नारायण की देखरेख में विभिन्न प्रकार की कलाकृति बनाई गई। दिघुल में डीआईओएस ने खुद मिट्टी की कलाकृति बनाई। डीआईओएस ने चारों विद्यालयों में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं को कलम और काॅपी देकर सम्मानित किया।

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बच्चों ने बनाए कागज के खिलौने और फूल

म्योरपुर। विकास खंड में समर कैंप का आयोजन शुरू हो गया है। इसमें कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास और जीवन कौशल का विकास करना है। कंपोजिट विद्यालय बभनडीहा में प्रभारी प्रधानाध्यापक रजनीश कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार के कार्यक्रम में बच्चों को हस्तशिल्प कला सिखाई। उन्होंने मिट्टी और कागज से जीव-जंतुओं के खिलौने, रसोई के बर्तन, फूल और यातायात के साधन बनाए। विद्यार्थियों ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी और लोककथाओं का वाचन किया। बच्चों ने कैरम, लूडो, शतरंज और क्रिकेट जैसे खेलों का आनंद भी लिया। इसके साथ ही खैराही, काचन, बनमहरी, सोनवानी, कुदरी समेत कई अन्य विद्यालयों में भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों और ग्राम प्रधानों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से बच्चों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास होता है। कार्यक्रम में शिक्षक, शिक्षामित्र और अनुदेशकों ने भी भाग लिया।
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