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Sonebhadra News: 52 करोड़ से रॉबर्ट्सगंज में बनेगा रेलवे ओवरब्रिज, जाम से मिलेगी मुक्ति

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चोपन-चुनार रेलमार्ग स्थित रॉबर्ट्सगंज क्राॅसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण का इंतजार खत्म हो गया है। करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाएगा।
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रेलवे प्रशासन की ओर से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मिट्टी टेस्टिंग का काम भी शुरू हो गया है। टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ओवरब्रिज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। इसके बनने से जाम की समस्या भी दूर हो जाएगी।
उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) प्रयागराज अंतर्गत चोपन-चुनार रेलमार्ग का विद्युतीकरण होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ गई है। लगातार ट्रेनों के आवागमन के चलते लंबे समय तक रॉबर्ट्सगंज-खलियारी मार्ग पर स्थित रेलवे क्राॅसिंग पर अक्सर गेट (नंबर 37) बंद रहता है।
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एक ट्रेन गुजरने के बाद जब तक फाटक खुलने के इंतजार में लोग खड़े रहते हैं, तब-तक दूसरी ट्रेन आ जाती है। इससे क्राॅसिंग के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
लगन के दिनों में वाहन घंटों जाम में फंसे रहते हैं। यहां लंबे समय से रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कराने की मांग चली आ रही है। सांसद छोटेलाल खरवार ने गत अगस्त में रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव से व्यक्तिगत रूप से मिलकर रॉबर्ट्सगंज क्राॅसिंग पर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कराने का अनुरोध किया था।
इससे पहले भी जनप्रतिनिधि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कराए जाने को लेकर पहल की थे। रेलवे प्रशासन ने ओवरब्रिज निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। साथ ही निर्माण कार्य के लिए 52 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित कर दी।
रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ओवरब्रिज निर्माण के लिए मिट्टी टेस्टिंग का काम शुरू हो गया है। मिट्टी को लैब में टेंस्टिंग के लिए भेजा जाएगा। लैब रिपोर्ट के आधार पर ओवरब्रिज निर्माण की आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

जाम की समस्या से मिलेगा छुटकारा
शासन ने दो साल पहले मिर्जापुर के कलवारी से घोरावल, रॉबर्ट्सगंज होते हुए खलियारी तक मार्ग को स्टेट हाइवे घोषित किया है। यह बिहार को जोड़ने वाली जिले की मुख्य सड़क है। इस मार्ग पर वाहनों का दबाव रहता है। इसी तरह विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद चोपन-चुनार रेलमार्ग पर ट्रेनाें की संख्या में भी इजाफा हुआ है। मौजूदा समय में यात्री ट्रेन एवं मालगाड़ी को लेकर करीब 30 ट्रेनों का संचालन हो रहा है। आरओबी बनने से ट्रेनों को गुजारने के लिए बंद क्रासिंग के बाद लगने वाले जाम की समस्या से लोगों को निजात मिलेगी।
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