नगवां ब्लाक के हाट शाखा वैनी पर बेचने के लिए रखा गया किसानों का सैकड़ों कुंतल धान बारिश में पूरी तरह से भीग गया। केंद्रों पर टेंट और अलाव की व्यवस्था न होने का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा।
गोदामों पर धान की खरीद भी बंद है। इससे किसान निराश होकर धान वापस ले जाने को मजबूर हो रहे हैं। जिले में धान की खरीद के लिए कई केंद्र बनाए गए हैं, लेकिन इन पर किसानों के लिए कोई इंतजाम नहीं है।
धान की खरीद भी बंद है। जिससे किसान काफी दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, तो कहीं गोदामों में धान डंप बंद होने से समितियों के सचिव भी परेशान हैं।
हाट शाखा वैनी पर किसान पिछले कई दिनों से धान लेकर बेचने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। यहां किसानों के लिए टेंट आदि की व्यवस्था न होने के कारण पिछले दिनों हुई बारिश में किसानों के सैकड़ों कुंतल धान पूरी तरह से भीग गया।
अब तमाम किसान उसे सुखाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि यहां महज चार से पांच बडे़ किसानों का ही धान खरीदा गया है।
अन्य किसान करीब महीने भर से धान हाट शाखा के बाहर रख कर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। हाट शाखा के प्रभारी संजीव कुमार विश्वकर्मा के मुताबिक अब तक करीब साढे़ पांच हजार कुंतल धान की खरीद की गई है।
यहां धीमी गति से खरीदारी की जा रही है। वैनी साधन सहकारी समिति पर धान की खरीदारी बंद है। यहां के सचिव उदय शंकर का कहना है कि मौसम की दिक्कत और गोदाम में जगह की कमी के नाते खरीद बंद की गई है।
उधर साधन सहकारी समिति आमडीह पर करीब एक माह से खरीद पूरी तरह से बंद है। किसान धान यहां रखकर परेशान हैं। सचिव चंद्ररेखा का कहना है कि धान खरीदकर क्या होगा। जो पहले से खरीदा गया है वह डंप पड़ा है।
उसकी क्षति होगी तो कौन नुकसान भरेगा। ऐसे मेें अब काफी दिनों से समिति पर धान खरीदकर अपनी खरीद की बारी का इंतजार कर रहे किसान कहां जाएं, यह उनके सामने संकट खड़ा हो गया है।
उधर पूर्व विधायक तीरथराज ने जिले में धान की खरीद धीमी गति से होने पर नाराजगी जाहिर की है। कहा है कि डीएम और एआर कोआपरेटिव को किसानों की समस्या पर ध्यान देकर उसका निस्तारण कराना चाहिए।