सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के कोटा में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग किनारे टिन शेड में बगैर मान्यता के ही विद्यालय संचालित करने और उस पर बिजली गिरने से दो छात्रों की मौत व दो छात्राओं के झुलसने के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कड़ा रुख अपनाया किया है। डीएम को भेजे गए पत्र में संबंधित छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को समुचित मुआवजा और अवैध विद्यालय संचालन के मामले में कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। चार सप्ताह में कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
27 सितंबर 2025 को चोपन क्षेत्र के कोटा में बिजली गिरने से विद्यालय में पढ़ रहे छात्र अरविंद (8) और दीपक (13) की मौत हो गई थी। वहीं छात्रा सोनमती (16) और रेखा (15) झुलस गई थीं। हादसे के बाद पता चला कि विद्यालय का संचालन बिना मान्यता के ही किया जा रहा था। वहां बिजली से बचाव के लिए कोई संयंत्र भी स्थापित नहीं था। पूरा विद्यालय टिन शेड में संचालित था। चंदौली जिले के रहने वाले योगेंद्र कुमार सिंह योगी ने मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की थी। पिछले दिनों इस मामले की आयोग के विधि विभाग ने सुनवाई की। 27 मार्च को इसे एक नए केस के रूप में दर्ज करते हुए डीएम को पत्र भेजा गया। उप-रजिस्ट्रार (विधि) स्पर्श अग्रवाल की तरफ से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह मामला 27 मार्च को आयोग के सामने प्रस्तुत किया गया था। इससे जुड़े तथ्यों के देखने के बाद निर्देश दिया गया कि शिकायत की एक प्रति डीएम को ऑनलाइन माध्यम से भेजी जाए। भेजे गए पत्र में घायलों और मृतक के परिजनों को समुचित मुआवजा सुनिश्चित कराने और बगैर मान्यता के विद्यालय संचालन के मामले में कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। आयोग के निर्देश के क्रम में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी चार सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।