नगर पालिका परिषद सोनभद्र और नगर पंचायत चुर्क को एक करने की कवायद शासन स्तर पर करीब डेढ़ साल पहले शुरू हुई थी। दोनों निकायों को राजनीतिक एवं प्रशासनिक रूप से समन्वय स्थापित करना था।
शासन ने पत्र जारी कर दोनों निकायों को बोर्ड से प्रस्ताव पास कराकर प्रस्तुत करने को कहा गया था। इसी तरह पिपरी और रेणुकूट नगर पंचायत का एकीकरण का प्रस्ताव शासन की तरफ से दिया गया था। मगर अभी तक इन निकायों के एकीकरण की योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
25 वार्डाें वाली नगर पालिका परिषद (रॉबर्ट्सगंज) सोनभद्र का करीब ढ़ाई साल पहले सीमा विस्तार हुआ है। नगर में 17 गांव आंशिक एवं पूर्ण रूप से शामिल किए गए हैं। नगर पालिका का सीमा विस्तार रौंप गांव तक हो गया है।
इस तरह से नगर पालिका परिषद और चुर्क नगर पंचायत के बीच महज दो किलोमीटर का फासला रह गया है। अभी दोनों निकाय स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं।
भविष्य में दोनों निकाय में बेहतर विकास कार्याें को ध्यान में रखते हुए नगर विकास विभाग लखनऊ की तरफ से डेढ़ साल पहले दोनों निकायों को पत्र भेजा गया था। पत्र के माध्यम से दोनों निकायों को प्रशासनिक रूप से आपसी समन्वय बनाने के लिए कहा गया था।
साथ ही दोनों निकायों को अपनी-अपनी बोर्ड की बैठक करते हुए राजनीतिक एवं प्रशासनिक रूप से समन्वय बनाते हुए शासन को इस संबंध में सूचित किया जाना था। करीब डेढ़ साल बीत गए, मगर अभी तक दोनों निकायों में एकीकरण को लेकर कवायद शुरू नहीं हो सकी है।
इसी तरह पिपरी और रेणुकूट नगर पंचायत को आपसी समन्वय स्थापित करने के लिए पत्र प्रेषित किया गया था। पिपरी नगर पंचायत की तरफ से बोर्ड की बैठक करते हुए इस पर सहमति भी दे दी गई है।
सहमति पत्र शासन में प्रेषित भी कर दिया है। मगर पिपरी और रेणुकूट के एकीकरण की कवायद पूरा नहीं हो सका। बता दें कि रेणुकूट और पिपरी के बीच सिर्फ रेलवे लाइन का फासला है। यदि दोनों निकाय एक होते हैं तो वहां बेहतर विकास कराया जा सकता है।