राबर्ट्सगंज स्थित प्रिटिंग प्रेस में काम करते लोग।
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सोनभद्र। कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बाद बाजार बंदी और महंगाई से प्रिटिंग प्रेस तथा फ्लैक्स होर्डिंग कारोबार पर असर पड़ा है। लॉकडाउन के बाद कारोबार घटकर 20 से 25 प्रतिशत पर आ गया है। कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन में कागज, इंक, प्लास्टिक का दाम बढ़ा है। वहीं छपाई का काम कम हो गया है। इससे आय भी प्रभावित हुई है। कारोबार प्रभावित होने से कर्मचारियों का मानदेय, बिजली बिल, बैंक का लोन सहित अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है।
राबर्ट्र्सगंज नगर के प्रिटिंग प्रेस और फ्लैक्स होर्डिंग के कारेाबारी किशोरी सिंह और अनिल गुप्ता का कहना है कि शादी विवाह के लगन में कार्ड छपाई की डिमांड ज्यादा होती है। लेकिन इस साल जैसे ही शादी विवाद का लगन शुरू हुआ वैसे ही लॉकडाउन कर दिया गया। लॉकडाउन की वजह से कारोबार बंद रहा। कोरोना महामारी की वजह से तमाम शादियां टल गई। अनलॉक में शादियां हुई लेकिन कार्ड छपाई के कम आर्डर आए। इसलिए अच्छा व्यवसाय नहीं हो सका। फ्लैक्स होर्डिंग कारोबारी विरेंद्र विक्रम सिंह और सुरेंद्र नाथ गुप्ता का कहना है कि फ्लैक्स होर्डिंग व प्रिटिंग प्रेस कारोबार को 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में रखा गया है। महामारी में विद्यालय बंद होने के कारण भी कारोबार प्रभावित हुआ है। कारोबारियों का कहना है कि लॉकडाउन के पहले अच्छा कारोबार हो जाता था। कोरोना की मार से 75 से 80 प्रतिशत कारोबार प्रभावित हुआ है। कोरोना काल में मुश्किल से 20 से 25 प्रतिशत ही कारोबार हो पा रहा है। इस वजह से बिजली का बिल, मकान का किराया, कर्मचारियों का मानदेय सहित अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। कारोबारियों ने सरकार से आर्थिक सहायता एवं बैंक लोन ब्याज में छूट देने की मांग की।