सोनभद्र। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे अटेवा की ऑनलाइन बैठक शनिवार को हुई। इसमें भारत छोड़ो आंदोलन की वर्षगांठ पर नौ अगस्त को पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को संदेश भेजने का निर्णय लिया गया। अटेवा महिला प्रदेश प्रभारी रंजना सिंह ने कहा कि जिस तरह भारतीयों ने अंग्रेजों से लड़कर भारत को आजाद कराया, उसी तरह हम भी नई पेंशन योजना और निजीकरण के खिलाफ हैं। इसे भारत से बाहर निकाल फेकेंगे। उन्होंने नौ अगस्त को ट्वीटर के जरिए हैशटैग एनपीएस, निजीकरण भारत छोड़ो अभियान में सभी पेंशनविहीन साथियों से बढ़चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। अटेवा जिलाध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने बताया कि नई पेंशन योजना निजीकरण का हीा एक अंग है औऱ यह न ही देश और न ही देशवासियों के हित में है। वर्तमान सरकार धीरे-धीरे सभी विभागों का निजीकरण करती जा रही है, जिससे कर्मचारियों को नित नई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कोरोनाकाल तक हम सबको सोशल मीडिया का ही सहारा लेना होगा। मंडलीय मंत्री रामगोपाल यादव ने नई और पुरानी व्यवस्था के बड़े अंतर को बताया। आंदोलन को सफल बनाने की अपील किया। इस दौरान कमलेश यादव, सर्वेश तिवारी, सूर्य प्रकाश, रवि प्रकाश, राजेश सिंह, बिहारी लाल, उमा सिंह, मनोज कुमार, राजेश बैस, बीएन सिंह शामिल रहे।