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निजीकरण के विरोध में डाक और बैंककर्मियों की हड़ताल

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राबर्ट्सगंज पंजाब नेशनल बैंक के सामने निजिकरण के विरोध में प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। - फोटो : SONBHADRA
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सोनभद्र। निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को बैंक और डाककर्मी हड़ताल पर रहे। डाक और बैंककर्र्मियों के साथ एलआईसी कर्मचारियों ने भी सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने के साथ ही अन्य मांगे पूरी होने तक आंदोलन करने की चेतावनी दी। डाक एवं बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से करोड़ों रुपये के जमा-निकासी का काम प्रभावित रहा।
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राबर्ट्र्सगंज मुख्य डाकघर के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विकास नगर में विरोध प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने बताया कि सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों व उनकी लंबी मांगों के प्रति घोर उदासीनता के विरोध में एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल किया गया। 14 सूत्री मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। उक्त मांगें पूर्ण ना होने पर एनएफपीई के निर्देशन में पुन: धरना प्रदर्शन किया जाएगा इस मौके पर सुशील दयाल पोस्ट मास्टर, सुनील कुमार, शिव मूरत यादव, आदित्य नंद पाठक, रितु सिंह, प्रेमनाथ, राममूर्ति आदि रहे।
उत्तर प्रदेश बैंक इम्प्लाइज यूनियन के बैनर तले इंडियन (इलाहाबाद) बैंक कर्मचारियों ने निजीकरण का विरोध करते हुए बैंक के सामने प्रदर्शन किया। इस मौके पर स्टेट चेयरमैन प्रकाश वर्मा, पीएन राम, महेश सिंह, रामप्रकाश, शिवचंद्र, रमाशंकर गौड़, पवन सिंह, प्रीति, काजल, राजेश, मुकेश, शंकर आदि रहे। पंजाब नेशनल बैंक कर्मचारियों ने भी राबर्ट्र्सगंज स्थित बैंक के सामने सरकार की नीतियों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। बैंकों के निजीकरण पर रोक लगाने, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुदृढ़ किए जाने, ऋण चूककर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने एवं बैंक जमा राशियों पर ब्याज दर बढ़ाये जाने के साथ अन्य मांगे पूरी करने की मांग की। इस मौके पर मुकेश वर्मा, अजय कुमार, अजीत, निशांत, पप्पू, दीपेश आदि उपस्थित रहे।
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ऑल इंडिया इंश्योरेंस इम्प्लाइज एसोसिएशन के आह्वान पर भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी बृहस्पतिवार को हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने एक स्वर में आईपीओ, निजीकरण, लेबर कोड बिल और किसान बिल का विरोध किया। कर्मचारियों ने सरकार एवं एलआईसी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने न्यूनतम वेतन 21 हजार करने, पुरानी पेंशन बहाल करने के साथ ही लंबित वेतन पुनरीक्षण लागू करने की मांग की। इस मौके पर प्रेमनाथ त्रिपाठी, राधेश्याम सिंह, सुरेन्द्र सिंह, दयाशंकर, रामजी सिंह, अविनाश राय, वीरेन्द्र कुमार, पूजा सिंह, प्रवीण कुमार, सत्यम मिश्रा, आलोक शुक्ला, हिमांशु त्रिपाठी, नीलू सिंह, विकास, सोहन, तेजबली, परमानंद सिंह आदि रहे।
करीब 16 करोड़ का जमा-निकासी प्रभावित
सोनभद्र। लीड बैंक प्रबंधक मुकेश कुमार के मुताबिक जिले में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से करीब 15 से 16 करोड़ का जमा-निकासी प्रभावित हुआ है। वहीं दौरे पर आए इंडियन बैंक के क्षेत्रीय महाप्रबंधक विनय कुमार सिंह ने बैंक कर्मचारियों से लगन के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया।
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