जिला अस्पताल के दवा वितरण काउंटर के पास दलाल मरीज का पर्चा और पांच सौ रुपये लेकर फरार हो गया। वह मददगार बनकर उसके पास पहुंचा था।
सख्त हिदायतों के बावजूद जिले के सरकारी अस्पतालों में बिचौलियों की सक्रियता कम नहीं हो रही। जिला अस्पताल में दिन-रात बिचौलिए डेरा जमाए हुए हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों को दवा खरीदवानी हो या उनकी जांच कराना हो तो बिचौलिये हावी हैं। पूर्व में पन्नूगंज की महिला से दवा के नाम पर पैसे लेकर पर्चा सहित फरार होने का मामला आया था। अब शनिवार को भी अस्पताल में ऐसी ही स्थिति दिखी।
मिर्जापुर के राजगढ़ थाना क्षेत्र के सेमरी सरसों निवासी मुसई को शरीर में खुजली थी। इसे दिखाने के लिए वे शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि जब वे दवा लेने पहुंचा तो काउंटर बंद था। वहां उसे एक व्यक्ति मिला। उसने कहा कि दवा के लिए पैसे लगेंगे। गोदाम से दवा लेकर आऊंगा। आप वहां तक नहीं जा सकते हैं। इसके बाद वे पांच सौ रुपये और दवा की पर्ची लेकर चला गया। फिर वापस नहीं आया। पीड़ित का पर्चा भी गायब हो गया। मरीज के पास घर लौटने के लिए किराया भी नहीं बचा। इस कारण वे अस्पताल गेट पर बैठकर मदद की गुहार लगाता रहा।