सोनभद्र। तीन दिन पूर्व मिर्जापुर-वाराणसी सीमा पर बिहार के एक अपराधी समेत तीन युवकों के मिले शवों की गुत्थी सुुलझाने के लिए तीन जिलों की पुलिस जुटी है। मिर्जापुर, वाराणसी के साथ ही सोनभद्र पुलिस भी युवकों की मौतों के बारे में पता लगाने में पूरी कोशिश में जुटी है।
अब तक की जांच में पुलिस को पता चला है कि बिहार के सासाराम जिले से तीनों युवक जिस स्कार्पियो से कहीं जाने के लिए निकले थे, वह ओबरा के रहने वाले एक व्यक्ति की थी। लेकिन उसने बेच दी है। सूत्रों की मानें तो पिंटू ने पुरानी स्कार्पियो क्रय किया था। पहले वह स्कार्पियो ओबरा थाना क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति थी, लेकिन उसने वाराणसी जिले के रहने वाले एक व्यक्ति को स्कार्पियो बेच दी थी। वाराणसी निवासी व्यक्ति से पिंटू ने स्कार्पियो क्रय किया था। पुलिस ने ओबरा के स्कार्पियो मालिक से पूछताछ करने के बाद अन्य बिंदुओं पर भी जांच पड़ताल कर रही है। बता दें कि 14 मार्च की अलसुबह चुनार कोतवाली क्षेत्र के मिर्जापुर-वाराणसी बार्डर पर सड़क के किनारे तीन युवकों का शव मिला था। मृतकों की शिनाख्त बिहार के रोहतास जिला निवासी राजकुमार, स्कार्पियो मालिक पिंटू और ओम कुमार निवासी जमुआ थाना क्षेत्र के गोरारी गांव निवासी के रूप में हुई है।
जांच में पता चला है कि ओबरा निवासी एक व्यक्ति ने अपनी स्कार्पियो वाराणसी के रहने वाले किसी व्यक्ति को बेच दी है। जिसने स्कार्पियो क्रय किया था उसने किसी अन्य को बेच दिया है।
- अमरेंद्र प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक सोनभद्र।