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पुलिस ने जारी किया टोल फ्री नंबर, जालसाजी की दें तत्काल सूचना

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सोनभद्र। बढ़ते साइबर अपराध को रोकने के लिए पुलिस ने कमर कस लिया है। ‘अमर उजाला’ में खबर छपने के बाद पुलिस ने टोल फ्री नंबर जारी कर लोगों को साइबर ठगों से सावधान रहने की अपील की। साथ ही किसी तरह ठगी के शिकार होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने को भी कहा है। जिले में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहा है। केवाईसी अपडेट करने तो कभी तरह-तरह के स्कीम बताकर जालसाज बैंक खाते की गोपनीय जानकारी हासिल कर रहे हैं और चंद पलों में ही खाते में जमा राशि निकाल ले रहे हैं। पुलिस रिकार्ड तक पहुंचने के बाद मामले जस के तस रह जा रहे हैं। पुलिस देरी से सूचना मिलने की बात कह पल्ला झाड़ लेती है। बढ़ते साइबर अपराध पर ‘अमर उजाला’ ने शुक्रवार के अंक में प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था। इसके बाद गंभीरता दिखाते हुए पुलिस ने टोल फ्री नंबर जारी कर लोगों को साइबर ठगों से सावधान रहने की अपील है। एसपी अमरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि अगर कोई व्यक्ति खुद का बैंककर्मी या किसी विभाग का अधिकारी और कर्मचारी बनकर बैंक के खते आदि की जानकारी मांगता है तो कदापि न दें, बल्कि उसके बारे में टोल फ्री नंबर 155260 पर पुलिस को बताएं। उन्होंने बताया कि कस्टमर केयर का नंबर कभी मोबाइल नंबर नहीं होता। यह 1800 से शुरू होता है या लैंड लाइन नंबर होगा। साइबर अपराध होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें, ताकि खाते से रुपये निकालने से रोका जा सकें। देर में सूचना देने पर रुपये वापस कराना मुश्किल हो जाता है।
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साइबर सेल ने वापस कराए महिला के 80 हजार रुपये
सोनभद्र। साइबर ठगी की शिकार महिला को पुलिस ने 80 हजार रुपये वापस कराए हैं। 13 जुलाई को पिपरी थाना क्षेत्र के रेणुकूट निवासिनी नीतू सिंह ने पुलिस को अवगत कराया कि अज्ञात एक व्यक्ति ने उनके मोबाइल पर कॉल कर खुद को बैंककर्मी बताकर खाते के बारे में जानकारी ली। जानकारी लेने के बाद अज्ञात व्यक्ति द्वारा खाते से एक लाख पांच हजार रुपये निकाल लिया। मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने साइबर सेल को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। प्रभारी साइबर सेल एसआई सरोजमा सिंह ने टीम के साथ संबंधित बैंक, कैश.फ्री कंपनी एवं शेफ.गोल्ड कंपनी से संपर्क कर शिकायतकर्ता के खाते में 80000 रुपये वापस कराने में सफल हो गई। साइबर सेल प्रभारी का कहना है कि साइबर अपराधियों के चंगुल में फंसे अन्य लोगों की भी धनराशि वापस कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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