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Sonebhadra News: 18 सालों में साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी पुलिस, दोषमुक्त हुए पशु तस्करी के तीन आरोपी

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सोनभद्र। गोवध निवारण और पशु क्रूरता अधिनियम में नामजद तीन आरोपियों को कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया है। पन्नूगंज थाने में दर्ज मामले में कोर्ट के आदेश के बावजूद अभियोजन पक्ष 18 सालों में साक्षियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत नहीं कर सका।
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पन्नूगंज पुलिस ने 10 जनवरी 2006 को गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। वसावनपुर निवासी मोहनपाल, अमरनाथ पाल व जगदीशपुर निवासी लालबहादुर यादव को इसमें आरोपी बनाते हुए कब्जे से 61 गोवंश बरामद करने का दावा किया गया था। विवेचक ने आरोप पत्र दायर किया था। हालांकि सुनवाई के बाद साक्ष्यों के अभाव में सभी आरोपी बरी हो गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट पीठासीन यादवेंद्र सिंह ने फैसले में टिप्पणी करते हुए लिखा कि मामला 18 वर्षों से लंबित है। आरोपियों में 2007 में ही आरोप विरचित किया गया था, मगर अभियोजन की ओर से किसी साक्षी को परीक्षित नहीं कराया जा सका। साक्ष्य प्रस्तुत कराने के लिए न्यायालय ने डीएम व संयुक्त निदेशक अभियोजन सोनभद्र को पत्र भी प्रेषित किया। बावजूद पुलिस ने न तो साक्ष्य प्रस्तुत किया और न ही साक्षीगणों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कराया। इस मामले में अभियोजन पक्ष ने विलंबता की सभी हदें पार कर दी हैं। वाद की लंबितावस्था व आरोपियों की स्थिति को देखते हुए अभियोजन के साक्ष्य समाप्त करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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