शक्तिनगर/सिंगरौली। सिंगरौली के हर्रई स्थित शासकीय माध्यमिक पाठशाला की अध्यापिका उषा दुबे सचल पुस्तकालय चलाकर चर्चा में हैं। वे स्कूटी से किताबें लेकर बच्चों के बीच जाती हैं और उन्हें पढ़ने के लिए प्रेरक किताबें देती हैं। इससे बच्चों में अध्ययनशीलता बढ़ी है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात में अध्यापिका उषा दुबे की अनोखी पहल की प्रशंसा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उषा का प्रयास शिक्षकों का मान बढ़ाने वाला है। शिक्षिका ने कोरोना के संकटकाल में मोबाइल पुस्तकालय के जरिए बच्चों को शिक्षित करने का जो कार्य किया वह काबिले तारीफ है। पीएम ने कहा कि शिक्षिका उषा दुबे की इस उपलब्धि से ना केवल सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का मान बढ़ा है बल्कि पूरा सिंगरौली गौरवान्वित महसूस कर रहा है। पीएम मोदी की ओर से शिक्षिका की तारीफ किए जाने की बात सोसल मीडिया प्लेटफार्म पर सार्वजनिक होते ही लोग उनको फोन कर और मैसेज कर बधाई देते रहे। बहुत से लोग उषा दुबे के घर भी पहुंचे।
स्कूटी पर लेकर चलती हैं सौ किताबें
सिंगरौली। शिक्षिका उषा दुबे स्कूटी पर ज्ञान-विज्ञान से लेकर जरूरी विषयों की लगभग 100 किताबें लेकर चलती हैं। वे बच्चों को पढ़ने के लिए कहानी की किताबें देती हैं। पिछले दो महीने से वे मोहल्ले-मोहल्ले पहुंच रही हैं। हर मोहल्ले में करीब 15-20 बच्चे अलग-अलग आकर कहानियां पढ़ते हैं। बच्चे अब अंग्रेजी भाषा बोलना भी सीख रहे हैं। लॉकडाउन के बाद बच्चों की पढ़ाई एकदम रुक सी गई थी लेकिन चलते-फिरते इस पुस्तकालय ने बच्चों में पठन पाठन के प्रति उत्साह बढ़ाने का काम किया है।