असम से सात हजार किलोमीटर की यात्रा पर आकर्षक झांकी के साथ निकले भक्त। जागरूक पाठक
सावन माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति का अनूठा उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब असम से 7000 किलोमीटर लंबी तीर्थ यात्रा पर निकला बोलबम कांवड़ियों का जत्था शुक्रवार को बभनी पहुंचा। इस जत्थे ने अपने पिकअप वाहन को भगवान भोलेनाथ की आकर्षक झांकी से सजाया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
यह जत्था असम के गोलाघाट जिले के डेर गांव साहू पट्टी से 30 जुलाई को रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने पहले सुल्तानगंज से जल लेकर बाबा बैजनाथ धाम (देवघर) में जलाभिषेक एवं पूजा-अर्चना की। इसके बाद पुरी (ओडिशा) पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। वहां से छत्तीसगढ़ होते हुए यह जत्था शुक्रवार को बभनी पहुंचा। बभनी पहुंचने पर सभी श्रद्धालुओं ने श्री हरिशंकर मंदिर असनहर में विश्राम और भोजन ग्रहण किया। मंदिर परिसर में स्थानीय लोगों ने भी उनका स्वागत किया और उनकी अनूठी यात्रा की सराहना की। श्रद्धालुओं ने बताया कि उनकी यह यात्रा लगभग 7000 किलोमीटर की है। बभनी से रवाना होने के बाद वे श्री खाटूश्यामजी के दर्शन के लिए प्रस्थान करेंगे। पूरे मार्ग में भगवान शिव की भक्ति, सेवा और धार्मिक संदेश का प्रचार-प्रसार भी उनका उद्देश्य है। इस तीर्थ यात्रा में कुल 15 श्रद्धालु शामिल हैं। जिसमें राजन साहू, अजित साहू, अंशू साहू, प्रियांशु साहू, गौतम नाथ, अजय घोष, विपूल ग्वाला, पूलिन बड़ा, पलाशनाथ, राजीव भंडारी, नगामेष, संदीप दास और विटूपन पाठक आदि रहे। उनके पिकअप वाहन पर बनाई गई भगवान भोलेनाथ की मनमोहक झांकी रास्ते भर श्रद्धालुओं और राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।