सलखन। सामाजिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था “श्याम साहित्य दर्पण काव्य मंच” की ओर से बसंत पंचमी के उपलक्ष्य में कवि गोष्ठी एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। सोन नदी के तट पर कार्यक्रम में रचनाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों की वाहवाही बटोरी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष कवि व शिक्षक श्याम बिहारी मधुर ने अध्यक्षता की। कच्छ से आईं राष्ट्रीय संरक्षिका डॉ. संगीता पाल ने बतौर मुख्य अतिथि भक्ति वंदना जलेगा ज्ञान का दीपक अंधेरा... से कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बसंत ऋतु की अनुपम गीत “फागुन आया, मन हर्षाया, झूमे डाली–डाली है... से सभी को भाव विभोर कर दिया। जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार साहनी ने “प्रवर ऋतुराज सज धज कर मधुर रसधार सुरभित ले” की सुंदर प्रस्तुति दी। अवध बिहारी अवध ने “मंजिल उन्हें मिलती है, जो जीवन पथ पर चलते हैं” की प्रेरणा प्रद रचना से सभी को आनंदित किया।
श्याम बिहारी मधुर ने मौसमी लोकगीत “आइल बसन्त के महिनवा हो रामा, डोले मोर मनवा” से श्रोताओं को बसंती बयार में मदमस्त कर दिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में संगीतकार लाल बहादुर सरगम और तबले पर आकाशवाणी कलाकर उत्तम कानपुरी ने संगत की। कार्यक्रम में अश्वनी कुमार, किशन राज, सुगवंत भारती, खुशबू यादव, धीनू देवी आदि मौजूद रहे।