जनपद में शनिवार को सुबह से ही बूंदाबांदी जारी रही। इससे जहां जनजीवन प्रभावित रहा, वहीं सड़कों पर कीचड़ का साम्राज्य कायम हो गया है। इस कारण हाईवे पर जहां-तहां लगा जाम आवागमन करने वालों को बेहाल किए रहा।
लगातार तीसरे दिन भी सूर्य के दर्शन नहीं हो सके। कंपकंपाती ठंड की वजह से लोग घर में ही रहता उचित समझा। आवश्यक कार्य से बाहर निकले। रूम हीटर, अंगीठी आदि के जरिए लोग ठंड से राहत पाने की कोशिश में जुटे रहे।
सप्ताह का अंतिम दिन होने के कारण दफ्तरों में भी कम उपस्थिति नजर आई। राबर्ट्सगंज, ओबरा, रेणुकूट, डाला, चोपन, दुद्धी, विण्ढमगंज, अनपरा, बीजपुर, शक्तिनगर आदि स्थानों पर मौसम का मिजाज लोगों को परेशान किए रहा।
गुरुवार को पूरे दिन बारिश के चलते परेशान लोगों ने शुक्रवार को थोड़ी राहत महसूस की लेकिल शनिवार की सुबह घने कोहरे के साथ दोबारा शुरू हुए बारिश के सिलसिले ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया।
स्कूली बच्चों को जहां ठिठुरते हुए विद्यालय पहुंचना पड़ा। वहीं जिला मुख्यालय समेत जनपद के अन्य हिस्से में गली-कूचे से लेकर हाईवे तक बना कीचड़ के साम्राज्य ने लोगों परेशानी का सबब बना रहा।
राबर्ट्सगंज में जहां हाईवे पर कीचड़ के छींटे कपड़ों को बदरंग करते रहे। वहीं ऊर्जांचल में कोयला मिश्रित कीचड़ ने कपड़ों के साथ ही लोगों के शरीर को भी काले छींटे से सराबोर किए रखा।
एक तरफ ठंड, दूसरी तरफ कीचड़ के चलते तमाम लोगों ने घरों में ही दुबके रहने में भलाई समझी। कामकाजी लोग बाहर निकले लेकिन मौका मिलते ही वह भी घर के लिए निकल पड़े। कीचड़ के चलते सड़क पर बनी फिसलन पैदल चलने वालों के साथ बाइक-साइकल सवारों के लिए हादसे का भी सबब बन रही।