दुद्धी में निकली जइया जुलूस में श्रद्धालु-संवाद
दुद्धी। चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन शुक्रवार को नगर में आदिवासी समाज ने जइया जुलूस निकाला। जुलूस में अनूठी आस्था दिखी। इसमें शामिल भक्तों के हैरतअंगेज कारनामे देख लोग दंग रह गए। सुबह से ही आसपास के गांव बीड़र, रजखड़, धनौरा, मल्देवा, जाबर, खजुरी आदि से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के कारण सड़कों पर भारी भीड़ रही।
जुलूस नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल मां काली मंदिर, शिव मंदिर और हनुमान मंदिर पर पहुंचा। वहां भक्तों ने परंपरागत ढंग से दर्शन-पूजन किया। श्रद्धालुओं ने देवी सवार भक्तों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया। चैत्र नवरात्र में नौ दिनों तक चलने वाले अनुष्ठान के समापन पर नवमी के दिन निकाला जाने वाला यह जुलूस विशेष महत्व रखता है। ग्रामीण परंपरा के अनुसार बैगा मंत्रोच्चार के बीच देवी सवार भक्तों के गाल और जिह्वा में त्रिशूल स्थापित करता है। पूर्णाहुति के बाद सिंदूर लगाकर अनुष्ठान संपन्न किया जाता है।