पिछले दिनों बारिश के कारण हुई ठंड, तेज हवाओं और अब होने लगी गर्मी के कारण मौसम लगातार बदल रहा है। इसका असर सीधा लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। दिन में तेज धूप और गर्मी, जबकि सुबह के समय हल्की ठंडक के कारण लोगों की सेहत बिगड़ने लगी है।
तापमान में अचानक बदलाव के चलते खांसी-जुकाम, बुखार और गले में खराश जैसी बीमारियों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मेडिकल काॅलेज अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। अस्पतालों में बच्चों और बुजुर्गों की संख्या अधिक है।
क्षेत्र के निजी क्लीनिक्स में भीड़ बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना एक हजार से अधिक मरीज उपचार के लिए आ रहे हैं। बड़ी संख्या मौसमी बीमारियों का है। ऐसे में ओपीडी में करीब 20 फीसदी मरीज सर्दी खांसी से पीड़ित हैं। इसके अलावा लू और डिहाइड्रेशन से भी लोग पीड़ित हो रहे हैं।
सेहत के प्रति रहें सावधान
मेडिकल कालेज के प्रो. राहुल सिंह ने कहा कि तापमान में बदलाव के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। इससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। अस्पतालों में आने वाले मरीजों में खांसी, बुखार, बदन दर्द,गले में खरास और नाक बहने की शिकायत आम हो गई है। बच्चों और बुजुर्गों को खास सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है। इस बदलते मौसम में ज्यादा पानी पीने, हल्का व संतुलित भोजन करने और ठंडी-गर्म चीजों के सेवन से बचने की जरूरत है। अगर लक्षण बढ़ते हैं,तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
मौसम में बदलाव से खांसी, जुकाम के मरीज बढ़ रहे हैं। इन दिनों मौसम में आए बदलाव के कारण कुछ दिनों तक ठंडे पदार्थों का सेवन से दूरी बना कर रखें। ओपीडी में कई मरीज ऐसे हैं, जिन्हें गले में खुजली संबंधी समस्या देखने के लिए मिल रही है। बच्चों और बुजुर्गों को ऐसे मौसम में विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है।
- डॉ. एसएस पांडेय, वरिष्ठ चिकित्सक, जिला अस्पताल।