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एंबुलेंस के इंतजार में अस्पतालों के बाहर छटपटाते रहे मरीज

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सोनभद्र। एंबुलेंस चालकों की हड़ताल का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ा है। एसोसिएशन भले ही इमरजेंसी सेवाओं को संचालित करने का दावा करता रहा हो, लेकिन जिले के अस्पतालों में मरीजों को आपात स्थिति में एंबुलेंस के लिए भटकना पड़ा। सूचना देेने के घंटों बाद भी एंबुलेंस न पहुंचने पर कोई निजी वाहन कर मरीज को अन्यत्र ले गया तो किसी को बाइक, साइकिल या पैदल ही मरीज को लेकर जाना पड़ा। यही स्थिति अस्पताल से छुट्टी मिलने पर घर जाने वाले मरीजों की रही। मरीजों और उनके तीमारदारों को दुर्व्यवस्था झेलनी पड़ी। पूरे दिन अस्पतालों के बाहर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार इसे राज्य स्तर का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ते रहे तो एंबुलेंस चालक मांगों के समर्थन में अडिग रहे।---
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केस एक:
प्राइवेट वाहन से घायल को लेकर गए वाराणसी
सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल शाहगंज निवासी जयप्रकाश (24) पुत्र रामअधीन को सुबह 11 बजे जिला अस्पताल लाया गया। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने हालत गंभीर देखते हुए ट्रामा सेंटर वाराणसी रेफर कर दिया लेकिन घायल को वाराणसी ले जाने के लिए एंबुलेंस नहीं मिली। इस पर जयप्रकाश के तीमारदार प्राइवेट वाहन लेकर दोपहर करीब पौने 12 बजे वाराणसी के लिए रवाना हुए। चिकित्सकों के मुताबिक जयप्रकाश के पैर व सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
केस दो:
दोगुना दाम पर किराये के वाहन से मरीज को ले गए घर
दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के धनौरा गांव निवासी अमित कुमार (32) पुत्र दिनेश प्रसाद टीबी के मरीज हैं। इनकी हालत बिगड़ने पर पांच दिन पूर्व जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिली है। भाई मनोज व मामा लाल बाबू ने बताया कि मरीज को छुट्टी मिलने पर एंबुलेंस के लिए सरकारी टोल फ्री नंबर पर कॉल किया। चालकों की हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवा नहीं मिली। काफी देर तक इंतजार करते रहे। जब कोई विकल्प नहीं मिला तो दोगुना किराया देकर चार पहिया वाहन से मरीज को घर लेकर गए।
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केस तीन:
मरीज को टेंपो से लेकर पहुंचे अस्पताल
शाहगंज थाना क्षेत्र के बनौरा द्वितीय गांव के जयप्रकाश (45) पुत्र पुरुषोत्तम को रविवार की रात से ही सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। भतीजे अशोक कुमार ने बताया कि उन्हें जिला अस्पताल ले जाने के लिए टोल फ्री नंबर 108 पर कॉल किया गया, लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। एंबुलेंस न मिलने पर मरीज को टेंपो से जिला अस्पताल ले जाया गया।
मांगे पूरी न हुई तो आगे भी रहेगी हड़ताल
सोनभद्र। समायोजन सहित विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जीवन दायिनी एंबुलेंस संगठन के चालक हड़ताल पर रहे। जिले भर में सेवा दे रहे एंबुलेंस चालक जिला अस्पताल पहुंचकर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। मांगे पूरी नहीं होने पर प्रदेश नेतृत्व में आंदोलन उग्र करने की चेतावनी दी। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय और प्रदेश महामंत्री बृजेश कुमार ने कहा कि अगर प्रदेश में जीवन दायिनी एंबुलेंस संघ की समस्याओं का तत्काल सरकार या कंपनी निवारण नहीं करती है, तो संगठन पूरे प्रदेश के कर्मचारियों के साथ बड़ा आंदोलन करेगा। प्रमुख मांगों में एएलएस एंबुलेंस पर कार्यरत कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को ना बदला जाए। अनुभवी कर्मचारियों को ही रखा है। वॉरियर्स एंबुलेंस कर्मचारी को ठेकेदारी से मुक्ति दी जाए। कोरोना काल में शहीद हुए आश्रितों के परिवार को जल्द बीमा राशि देने और सहायता राशि सरकार की तरफ से दिए जाने की मांग की। कंपनी बदलने पर वेतन में किसी भी तरह की कटौती न की जाए। इस मौके पर अश्वनी पांडेय, अवधेश कुमार, राजकुमार, पंकज कुमार, सुरेंद्र कुमार ,सुरजीत, ज्ञान शंकर, पप्पू, राकेश कुमार, गोविंद, रामज्ञान यादव आदि मौजूद रहे।
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