सोनभद्र। धोखाधड़ी और दलित उत्पीड़न के आरोप में कोर्ट में तलब बरसोत के निवर्तमान प्रधान बबलू दूबे को हाईकोर्ट ने राहत दी है। उनकी याचिका का संज्ञान लेते हुए न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की बेंच ने फाइनल निर्णय सुनाने तक निचली अदालत में केस के सुनवाई पर रोक लगा दी है।
याची के खिलाफ किसी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई शुरू करने पर भी रोक लगाई गई है। याची के अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्रा ने बताया आवेदक एक ग्राम प्रधान था और उनके गांव में पौधरोपण के लिए जमीन आवंटित की गई थी। बाद में उस जमीन पर निर्माण किया जाने लगा जिसे सक्षम अदालत के आदेश पर धराशायी कर दिया गया।
इसी मामले की नाराजगी में गलत आरोपों के आधार पर कोर्ट में केस दायर किया गया। हाईकोर्ट की बेंच ने चार दिन पूर्व केस की सुनवाई की और अंतिम निर्णय आने तक निचली अदालत में केस के सुनवाई पर रोक लगा दी। प्रतिवादियों को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है।