सुकृत में अस्पताल की ओटी सील करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
सोनभद्र। बोर्ड पर बड़े-बड़े डॉक्टरों के नाम लिखकर अस्पताल चलाने वालों पर शिकंजा कसने लगा है। अमर उजाला की खबरों का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मंगलवार को निजी अस्पतालों की जांच की। इस दौरान दो अस्पतालों की ओटी को सील कर दिया गया। जांच के दौरान मौके पर कोई सर्जन और एनेस्थेटिक मौजूद नहीं थे। अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी किया गया है।
जिले में 75 निजी अस्पताल व नर्सिंग होम का पंजीकरण है। इसमें से कई अस्पताल ऐसे हैं, जिनमें सिर्फ डॉक्टरों के नाम हैं, मगर उपचार कोई और करता है। इसके चलते अक्सर घटनाएं हाेती है। लापरवाही से मौत के मामले सामने आ रहे हैं। अमर उजाला ने इस मुद्दे को अभियान के रूप में प्रमुखता से उठाया है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
सीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार ने सोमवार को सभी अस्पताल संचालकों की बैठक बुलाकर उन्हें कड़े निर्देश दिए थे। इस बैठक में सिर्फ 66 अस्पतालों के प्रतिनिधि ही पहुंचे। निर्देशों के अनुपालन के तहत मंगलवार से कार्रवाई शुरू की गई है। नोडल अधिकारी डॉ. गुलाब शंकर ने मधुपुर और सुकृत इलाके के दो अस्पतालों का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्लोबल मेडीसिटी अस्पताल के जांच में मौके पर चिकित्सक नहीं मिले।
अस्पताल की ओटी सील कर जवाब तलब किया गया। वहीं सुकृत सर्जिकल चैरेटेबिल अस्पताल में भी मौके पर कोई चिकित्सक और स्टाफ नहीं मिला। यहां की भी ओटी सील कर दी गई। नोडल अधिकारी ने बताया कि दोनों अस्पतालों के संचालकों से जवाब मांगा है। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।