अनुसूचित जनजाति की जमीन पिछड़ी जाति को बैनामा किए जाने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आबिद शमीम की कोर्ट ने दुद्धी सब रजिस्ट्रार समेत चार लोगों के विरुद्ध पिपरी एसओ को केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
मामले की विवेचना संबंधित सीओ से कराते हुए कार्रवाई से कोर्ट को अवगत कराने को भी कहा है। कोर्ट ने यह आदेश मूर्धवा रेणुकूट निवासी अयोध्या सिंह के प्रार्थना पत्र पर दिया है।
अयोध्या सिंह खरवार ने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि दो लाख रुपये की आवश्यकता होने पर मूर्धवा रेणुकूट निवासी जवाहरलाल ने दुद्धी तहसील में चलकर जमीन बंधक की लिखा पढ़ी करने के बाद पैसा देने की बात कही।
गत 18 मार्च को जवाहरलाल अपनी पत्नी उर्मिला देवी और एक अन्य साथी जंग बहादुर सिंह को साथ लेकर दुद्धी तहसील आए। स्टांप पर लिखा पढ़ी कर हस्ताक्षर कर लिए। दो लाख रुपये बैंक खाते में डाल देने की बात करते हुए दुद्धी सब रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित कराए।
सब रजिस्ट्रार पुष्पराज श्रीवास्तव ने अयोध्या से जाति भी पूछी। खरवार जाति की जानकारी रखते हुए अयोध्या की जमीन का बैनामा पंजीकृत कर दिया। अयोध्या खरवार को इस घटना की जानकारी तब हुई जब 27 मार्च को कब्जा लेने आबादी की जमीन पर लोग चढ़ आए।
अयोध्या के खाते में पैसा भी नहीं आया और जमीन का बैनामा हो गया। इसकी सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं होने पर अदालत की शरण ली।