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Sonebhadra News: ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाला गिरोह पकड़ा गया, चार गिरफ्तार

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पिपरी थाना में साइबर फ्रॉड गैंग के आरोपी। स्रोत पुलिस
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रेणुकूट l पिपरी पुलिस और साइबर क्राइम की टीम ने दुकानों के क्यूआर कोड के जरिये ऑनलाइन ठगी करने वाले एक गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर रविवार को चालान कर दिया गया। उनके कब्जे से ठगी में प्रयुक्त होने वाले चार मोबाइल फोन और दो बाइकें बरामद की गई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को कई अहम जानकारी दी है।
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रेणुकूट निवासी अजय कुमार चौरसिया ने बीते शुक्रवार को पिपरी थाने पहुंचकर तहरीर सौंपी थी। अवगत कराया था कि वह आधार कार्ड के जरिये लोगों को एकाउंट से पैसे निकालकर देता है। चार युवक उसकी दुकान पर आए और अपना आधार कार्ड देने की जगह उसकी दुकान के क्यूआर कोड के जरिये किसी परिचित से पैसे मंगाने की बात कही। उन्होंने उसकी तस्वीर खींचकर किसी को भेजी और उसके जरिये पांच हजार दो सौ की रकम मंगवाई। इसके बदले उससे कैश लेकर चले गए। जब उसे बैंक के जरिये उसके खाते की उतनी रकम निकासी से रोके जाने की जानकारी मिली तब उसे धोखाधड़ी की जानकारी हुई। मामला दर्ज कर प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र राय, एएसआई शिवकुमार सिंह और प्रभारी निरीक्षक साइबर थाना धर्मेंद्र कुमार चौधरी की अगुवाई वाली टीम ने इसकी छानबीन की तो पता चला कि लखनऊ के गोयल इंस्टीट्यूट और महर्षि यूनिवर्सिटी से बीबीए, डेटा एनालिसिस का कोर्स करने वाले छात्रों का ग्रुप ऑनलाइन ठगी करने में लगा हुआ है। सीओ पिपरी अमित कुमार ने बताया कि शनिवार की देर रात पिपरी क्षेत्र के मुर्धवा मोड़ से आर्यन सिंह, अंगद सिंह निवासी रेणुकूट, मो.आरिफ निवासी अकबरपुर जिला रोहतास, बिहार हाल पता जैन कांप्लेक्स के पीछे वार्ड नंबर 3 रेणुकूट और मो. तौहीद वारसी निवासी सनौल थाना सुहवल जिला गाजीपुर, हाल पता जैन कांप्लेक्स के पीछे वार्ड तीन रेणुकूट को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह जनसेवा केंद्रों और वित्तीय संस्थानों से संपर्क कर उनका क्यूआर कोड हासिल कर लेता था और उसी कोड का उपयोग कर फर्जी ट्रांजेक्शन के जरिये पैसे मंगवाता था। एसपी अभिषेक वर्मा ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान क्यूआर कोड या लिंक को स्कैन ना करें। किसी भी संदिग्ध लेनदेन की सूचना तत्काल पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर उपलब्ध कराएं।
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