सोनभद्र। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते प्रवासी मजदूरों की घर वापसी ने प्रदेश सरकार की चिंता बढ़ा दी है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए मनरेगा के तहत अधिक से अधिक रोजगार देने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी एस. राजलिंगम ने अनोखी पहल की है। जिलाधिकारी ने एक गांव एक बाग योजना की शुरूआत की है।
इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत की ग्राम सभा की एक एकड़ जमीन पर बाग लगाए जाएंगे। इस साल जिले में 75 लाख पौधरोपण का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य के अनुरूप प्रत्येक गांव में लगने वाले बागीचे में फलदार पेड़ लगाने को कहा गया है। बाग की सुरक्षा के लिए उसके चारों तरफ मनरेगा के तहत खाई खोदी जाएगी। इस कार्य में प्रवासी श्रमिकों को लगाने को कहा गया है ताकि उन्हें रोजगार भी मिल सके।
जिलाधिकारी एस. राजलिंगम का कहना है कि एक गांव एक बाग योजना के तहत जिले के सभी 637 ग्राम पंचायतों में बागीचा स्थापित करने की कार्ययोजना बनाई गई है। इसके लिए जिले के 629 ग्राम पंचायतों में जमीन का चिह्नांकन भी कर लिया गया है। अन्य ग्राम पंचायतों में जिस जमीन का चयन किया गया है, उसको लेकर थोड़ा बहुत विवाद है। विवादों का भी शीघ्र ही निस्तारण कर लिया जाएगा। गांवों में स्थापित होने वाले बागों में सर्वाधिक आम के पेड़ लगाने की तैयारी है। खास तौर से लखनऊ के मलीहाबाद की दशहरी आम के पौधे मंगाने के निर्देश दिए गए हैं। बाग की सुरक्षा के लिए एक चौकीदार की तैनाती भी की जाएगी। बाग लगभग पांच साल में तैयार हो जाएगा। उसके बाद उसमें लगने वाले फल की नीलामी की जाएगी। नीलामी से प्राप्त होने वाली रकम ग्राम पंचायतों के खाते में रखी जाएगी। इससे ग्राम पंचायतों की आय भी बढ़ेगी और रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे।