ओबरा तापीय विद्युत परियोजना से मिलने वाली 132 केवीए की दो सर्किटों से मंगलवार की रात अचानक सप्लाई बंद हो गई। इससे छपका पावर हाउस का कंट्रोल रूम अंधेरे में रहा। पिपरी से भी इमरजेंसी में कंट्रोल रूम को बिजली सप्लाई नहीं की गई। इसकी वजह से सोनभद्र का आधा इलाका अंधेर में डूब गया। साथ ही मिर्जापुर के राजगढ़, चंदौली के नौगढ़ और चकरघट्टा इलाके में अंधेरा पसरा रहा। गर्मी में पूरी रात लोगों ने चहलकदमी कर बिताई।
छपका पावर हाउस कंट्रोल रूम के एसएसओ आनंद दूबे ने बताया कि मंगलवार की शाम 5:10 बजे ओबरा पावर हाउस से सप्लाई बंद हो गई। 7:15 बजे सप्लाई चालू हुई, पुन: रात्रि में 1:13 बजे फिर बंद हो गई। इससे छपका कंट्रोल रूम में भी अंधेरा छा गया। सवा घंटे बाद 2:36 बजे सप्लाई मिली और 3:12 बजे पुन: सप्लाई बंद हो गई और सुबह 5:35 बजे सप्लाई चालू हुई। बता दें कि छपका पावर हाउस से राबर्ट्सगंज, घोरावल, शाहगंज, रामगढ़, पसही, सुकृत, गुरमा फीडरों के साथ ही मिर्जापुर के राजगढ़, चंदौली जिले के नौगढ़ और चकरघट्टा फीडर को आपूर्ति होती है। क्षेत्रों में बिजली गुल रही। इसके चलते सारी रात लोग गर्मी से बिलबिलाए रहे और उनकी नींद भी पूरी नहीं हुई।