सोनभद्र। चोपन और ओबरा नगर पंचायतों के सीमा विस्तार से पंचायत चुनाव के लिए ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के वार्डों के परिसीमन की प्रकाशित अनंतिम सूची में पेच फंस गया है। दोनों नगर पंचायतों के सीमा विस्तार के कारण चोपन ब्लाक के ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया फिर से करनी पड़ सकती है।
चोपन नगर पंचायत का सीमा विस्तार किया गया है। इस संबंध में शासन स्तर से जारी पत्र जिला पंचायत राज अधिकारी को बुधवार को प्राप्त हुआ। जिसमें चोपन ग्राम पंचायत के कुशवाहा बस्ती, यादव बस्ती व गवईडीह दक्षिण टोला को नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया है। इसी तरह से ओबरा नगर पंचायत का भी विस्तार किया गया है। चोपन ब्लाक के बिल्ली-मारकुंडी के अधिकांश इलाकों को ओबरा नगर पंचायत में शामिल कर लिया गया है। इससे संबंधित शासन स्तर से जारी पत्र जिला पंचायत राज अधिकारी को बुधवार को प्राप्त हो गया। उधर, चोपन व ओबरा समेत दो नगर पंचायतों के सीमा विस्तार से दो दिन पहले प्रकाशित ग्राम, क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्य के वार्डों के परिसीमन की अनंतिम सूची को लेकर पेच फंस गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी विशाल सिंह का कहना है कि दो नगर पंचायतों के सीमा विस्तार में चोपन ब्लाक के दो ग्राम पंचायतों चोपन व बिल्ली - मारकुंडी के अधिकांश हिस्से शामिल किए गए हैं। इसके चलते चोपन ब्लाके वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया फिर से पूरी करनी पड़ सकती है।
ज्ञात हो, जिले में दो नए ब्लाकों करमा व कोन के गठन और म्योरपुर ब्लाक की सात ग्राम पंचायतें पूर्ण रूप से व दो आंशिक रूप से अनपरा व रेणुकूट नगर पंचायतों में शामिल होने के बाद वार्डों के परिसीमन में बीडीसी के 46 वार्ड कम किए जाने का प्रस्ताव किया गया है। पूर्व में हुए पंचायत चुनाव में जहां जिले के आठ ब्लाकों में 834 बीडीसी वार्ड थे, वहीं नए परिसीमन में जिले के 10 ब्लाकों में 788 बीडीसी वार्ड किए जाने का प्रस्ताव है। सोमवार को वार्डों के परिसीमन की अनंतिम सूची प्रकाशित की गई थी। इस पर 26 दिसंबर तक लोगों से दावा तथा आपत्तियां मांगी गई हैं। उधर, परिसीमन की प्रकाशित अनंतिम सूची में चतरा व बभनी ब्लाक के बीडीसी वार्डों पर तो कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन अन्य आठ ब्लाकों के कई बीडीसी वार्ड प्रभावित हुए हैं। वर्ष 2015 में हुए पंचायत चुनाव में नगवां में 47, चतरा में 55, राबर्ट्सगंज में 148, घोरावल में 141, चोपन में 150, म्योरपुर में 161, दुद्धी में 80, बभनी में 52 बीडीसी वार्ड थे। दो नए ब्लाकों कोन व करमा के गठन के बाद कई बीडीसी वार्ड इन दोनों में शामिल कर लिए गए हैं। नवगठित करमा ब्लाक में 63 और कोन में 31 ग्राम पंचायतें शामिल की गई हैं। वार्डों के नए सिरे से किए गए परिसीमन में अब तक करमा में 74 और कोन में 53 बीडीसी वार्ड प्रस्तावित किए गए हैं। इनके अलावा नगवां में बीडीसी वार्डों की संख्या 47 से घटाकर 43, राबर्ट्सगंज के 148 बीडीसी वार्डों को कम कर 113 करने का प्रस्ताव है। इसी तरह से घोरावल ब्लाक के बीडीसी वार्डों की संख्या 141 से घटाकर 102, चोपन में 150 से घटाकर 95, म्योरपुर में 161 से घटाकर 123 तथा दुद्धी के 80 बीडीसी वार्डों को घटाकर 78 करने का प्रस्ताव किया गया है। चतरा ब्लाक में 2015 में हुए चुनाव में भी 55 बीडीसी वार्ड थे और इस बार भी 55 वार्ड बनाए जाने का प्रस्ताव है। इसी तरह से बभनी ब्लाक में भी पिछले चुनाव में 52 बीडीसी वार्ड थे और इस बार भी इतने ही वार्ड बनाए रखने का प्रस्ताव है।