खड़िया के नाई टोला में गिरे घर के सामने अव्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।स्रोत स्वयं
शक्तिनगर। बारिश के पानी के साथ गांव में शुक्रवार की रात एनसीएल के ओवर बर्डन (ओबी) पहुंचने से हड़कंप मच गया। घरों से बाहर निकल कर लोग बाहर भागने लगे। मलबे के दबाव से दो घर गिर गए और लोगों की गृहस्थी नष्ट हो गई। इससे नाराज लोगों ने कोल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
कोयला निकासी के निमित्त विस्फोटक के जरिए उड़ाए पहाड़ के मलबे को ओवरबर्डन (ओबी) कहा जाता है। खड़िया गांव के पास डंप ओबी पहाड़ के नीचे नाई टोला मुहल्ला आबाद है। इस पुनर्वासित क्षेत्र में रेलवे के चलते विस्थापित हुए परिवारों को बसाया गया है।
गांव के करीब बना ओबी का पहाड़ शुरू से रहवासियों के लिए चिंता का विषय है। शुक्रवार शाम शुरू रिकॉर्ड बारिश के चलते फिसला ओबी पहाड़ का मलबा पानी संग रहवासी क्षेत्र में घुस गया। इसके चलते जल निकासी के मार्ग अवरुद्ध हो गए और मलबा व पानी घरों में घुसने लगा।
इसके चलते अंधेरे में पूरे गांव में खलबली मच गई। जलभराव व बारिश के चलते रामेश्वर प्रसाद वर्मा व सुशील वर्मा के कच्चे मकान का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया। मकान के मलबे में राशन सहित अन्य घरेलू सामान दब गई। इस घटना के बाद रामेश्वर व सुशील के घरों के क्रमशः आठ व पांच सदस्य बेघर हो गए। ओबी का मलबा व पानी गांव के तीस से अधिक घरों में प्रवेश कर गया।
इससे नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया व अव्यवस्था के लिए कोल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए नारेबाजी शुरू कर दिया। रात में कई जनप्रतिनिधि, पुलिस व कोल प्रबंधन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना दोबारा ना हो इसके लिए व्यापक इंतजाम के साथ क्षति के भरपाई का आश्वासन दिया तब मामला शांत हुआ। संवाद