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Sonebhadra News: रिहंद बांध ने एक सीजन में छठीं बार पहुंचा 870 फीट जलस्तर

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सोनभद्र/रेणुकूट। जोरदार बारिश के होने के कारण रिहंद बांध में फिर से अधिकतम जलस्तर (870 फीट) पार हो गया है। शनिवार को बांध का जलस्तर 870.1 फीट रहा। बांध की स्थापना के बाद से यह पहला अवसर है, जब एक सीजन में छठीं बार जलस्तर ने उच्चतम बिंदु को पार किया है। बारिश नहीं थमी तो छठवीं बार फाटक खोलने पड़ सकते हैं। हालांकि सभी छह टरबाइन से बिजली उत्पादन कर पानी निकाला जा रहा है।
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वर्ष 1962 में रिहंद बांध की स्थापना हुई थी। तब बांध की अधिकतम जलस्तर क्षमता 880 फीट निर्धारित की गई थी। बाद में उच्चस्तरीय सर्वे के बाद क्षमता दस फीट घटाते हुए 870 फीट निर्धारित की गई। छत्तीसगढ़ व मप्र में स्थित बांध के कैचमेंट एरिया में तेज बारिश के चलते अमूमन हर वर्ष बांध इस स्तर के आसपास तक पहुंचता है, लेकिन फाटक खोलने की स्थिति कम ही बनती है। बिजली बनाने के लिए टरबाइन चलाकर पानी निकाला जाता है।
पूरे सीजन में एक से दो बार ही फाटक खोलने की स्थिति बनती है। इस बार जुलाई में ही बांध ने 870 फीट का आंकड़ा छू लिया था, जिसके बाद फाटक खोलना पड़ा था। तब से सितंबर तक पांच बार जलस्तर 870 फीट पहुंचने पर बांध के फाटक खोले गए हैं। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने फिर से बांध का जलस्तर 870 फीट से अधिक कर दिया है। यह एक ही सीजन में छठवीं बार है।
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हालांकि फाटक अभी नहीं खोले गए हैं, लेकिन जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो जल्द ही नौबत आ सकती है। फिलहाल बांध पर बनी सभी छह टरबाइनें फुल लोड पर चल रही हैं, जिनसे लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। साथ ही 12 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज भी किया जा रहा है, ताकि जलस्तर नियंत्रित बना रहे।

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10 साल में रिहंद बांध का अधिकतम जलस्तर::
वर्ष: तिथि: अधिकतम जलस्तर
2015-16: 31 अगस्त: 853.2 फीट
2016-17: 06 सितंबर: 872.6 फीट
2017-18: 02 सितंबर: 866.2 फीट
2018-19: 12 सितंबर: 867.6 फीट
2019-20: 05 नवंबर: 863.8 फीट
2020-21: 14 अक्तूबर: 868.0 फीट
2022-23: 23 अक्तूबर: 858.3 फीट
2023-24: 10 अक्तूबर: 851.8 फीट
2024-25: 18 सितंंबर: 871.9 फीट
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हालात पर रखी जा रही नजर
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है और अगर बारिश का क्रम जारी रहा तो फाटक एक बार फिर खोलने पड़ सकते हैं। वहीं जल विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता शशिकांत राय ने बताया कि सभी टरबाइन वर्तमान में पूरी क्षमता से बिजली उत्पादन कर रही हैं, जिससे स्वाभाविक रूप से पानी का डिस्चार्ज भी बढ़ा है। स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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