यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल व इंटर के लिए शैक्षणिक सत्र 2022-23 का कैलेंडर जारी कर दिया है। प्रश्नपत्रों के दो खंड होंगे। पहले खंड में पूर्णांक से 30 प्रतिशत अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। इसका उत्तर ओएमआर शीट पर देना होगा। दूसरे खंड में पूर्णांक का 70 प्रतिशत अंकों के वर्णनात्मक प्रश्न का जवाब उत्तर पुस्तिकाओं पर लिखना होगा।
नए कैलेंडर के मुताबिक सत्र 2022-23 में सभी कक्षाओं का पाठ्यक्रम 20 जनवरी 2023 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके साथ ही दसवीं व 12वीं कक्षाओं की प्री-बोर्ड प्रयोगात्मक परीक्षाएं जनवरी 2023 के तीसरे सप्ताह में और प्री-बोर्ड की लिखित परीक्षाएं एक से 15 फरवरी 2023 के बीच आयोजित की जाएंगी। प्रयोगात्मक परीक्षाएं 16 से 28 फरवरी 2023 तक और बोर्ड परीक्षाएं मार्च 2023 में आयोजित की जाएंगी। हालांकि परिस्थियों के हिसाब से बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों में भी बदलाव किया जा सकता है। वहीं वर्तमान सत्र में नौवीं व दसवीं कक्षाओं की लिखित परीक्षा प्रश्नपत्र के नए प्रारूप के आधार पर होगी और इसके प्रश्न पत्र में दो खंड होंगे। डीआईओएस ने बताया कि वर्तमान सत्र में नौवीं व 11वीं कक्षाओं की वार्षिक परीक्षाएं और दसवीं व 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा व उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 16 से 28 फरवरी 2023 तक किया जाएगा। साथ ही नौवीं और 11वीं के अंकपत्र भी वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। बहुविकल्पीय प्रश्नों के आधार पर मासिक परीक्षाएं जुलाई व नवंबर 2022 के अंतिम सप्ताह व फरवरी 2023 के प्रथम सप्ताह में होंगी।
नए प्रारूप के आधार पर होगी परीक्षा
यूपी बोर्ड की नौवीं-10वीं कक्षाओं की लिखित परीक्षाएं नए प्रारूप के आधार पर होंगी, जिसमें प्रश्नपत्र के दो खंड होंगे। प्रथम खंड में पूर्णांक के 1/3 प्रश्न बहुविकल्पीय व द्वितीय खंड में 2/3 प्रश्न वर्णनात्मक होंगे। प्रथम खंड में पूर्णांक के 30 प्रतिशत अंक के बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिनका उतर ओएमआर शीट पर देना होगा। जबकि द्वितीय खंड में पूर्णांक के 70 प्रतिशत अंकों के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे, इनका जवाब उत्तर पुस्तिका में देना होगा।
नए सत्र से प्रश्न पत्रों के दो खंड होंगे। पहले खंड में पूर्णांक का 30 प्रतिशत अंकों के बहु विकल्पीय प्रश्न होंगे, जिनका उत्तर ओएमआर शीट पर देना होगा। दूसरे खंड में पूर्णांक का 70 प्रतिशत अंकों के वर्णनात्मक प्रश्न होंगे, जिनका जवाब उत्तर पुस्तिकाओं पर लिखना होगा। - रविशंकर, जिला विद्यालय निरीक्षक