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Sonebhadra News: अब सीएमओ कार्यालय में ही चलेगा डीपीएमयू, मनमानी पर लगेगा अंकुश

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स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण इकाई माने जाने वाले जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (डीपीएमयू) और एनएचएम कार्यालय के संचालन में अब मनमानी नहीं चलेगी। इसे लेकर सीएमओ ने सख्त रूख अपनाया है।
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दस साल से अधिक समय से किराए के भवन में संचालित डीपीएमयू को सीएमओ कार्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं और इससे संबंधित योजनाओं को धरातल पर उतारने की प्रमुख जिम्मेदारी डीपीएमयू कार्यालय है।
योजनाओं की निगरानी के साथ ही डाटा फिडिंग, वेतन भुगतान सहित अन्य कार्यों का भार भी इन्हीं पर होता है। करीब 12 साल से अधिक समय से डीपीएमयू कार्यालय का संचालन सीएमओ ऑफिस से न होकर वहां से एक किमी दूर किराए के भवन में होता था, जबकि विभाग के पास खुद का भवन मौजूद होता था।
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बाहर संचालित कार्यालय में सीएमओ को लंबे समय से कुछ लोगों के मनमानी की भी शिकायतें मिल रही थी। विभागीय लोगों की मानें तो अलग-अलग कार्यालय होने से कई बार कई दिनों तक फाइल एक ही जगह अटकी रहती थी।
डीपीएमयू दूर होने और नोडल अधिकारियों के सीएमओ आफिस में बैठने के कारण योजनाएं भी प्रभावित होती थी तो वहीं किराए के मकान का किराया, इंटरनेट, पेंटिंग, जनरेटर सहित अन्य कार्यों पर करीब साढ़े छह लाख रुपये खर्च होता था।
इसके मद्देनजर सीएमओ ने डीपीएमयू कार्यालय को अपने कार्यालय भवन में ही शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। अब इसे वहीं शिफ्ट कर दिया गया है।

एसीएमओ को अलग-अलग चैंबर
सीएमओ कार्यालय में अब एसीएमओ और नोडल अधिकारियों को भी बैठने की जगह तय होगी। इसके लिए सभी को अलग-अलग चैंबर आवंटित किए जा रहे हैं। कक्ष के बाहर नाम भी दर्ज होगा, जिससे लोग आसानी से उन तक पहुंच सकेंगे।
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