सीएम डैश बोर्ड पर कई विभागों की प्रगति बेहद खराब है। मत्स्य पालन, पर्यटन, उद्योग, एनआरएलएम, जलनिगम ग्रामीण और समाज कल्याण विभाग की रैंकिंग डी व ई श्रेणी में है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में डीएम ने संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई।
उन्हें कार्यपद्धति में सुधार न होने पर विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की चेतावनी दी। इस दौरान बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर पीएमजीएसवाई, आवास विकास और नहर खंड के एक्सईएन को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया।
डीएम ने शासन की विकास प्राथमिकता वाली योजनाओं की सीएम डैश बोर्ड पर बिंदुवार समीक्षा की। समूह की महिलाओं को बैंकों से ऋण वितरण की प्रगति काफी धीमी थी। डीसी एनआरएलएम को इसमें सुधार करते हुए ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
समाज कल्याण विभाग से संचालित योजनाओं की रैंकिंग ई श्रेणी में होने पर कड़ी नाराजगी जताई। मत्स्य विभाग की मत्स्य संपदा योजना, पट्टा आवंटन की प्रगति भी सुस्त थी। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति अच्छी न होने पर जलनिगम ग्रामीण के एक्सईएन को कहा कि कार्यपद्धति में सुधार लाएं अन्यथा शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।
उन्होंने एक्सईएन से ऐसे गांवाें की सूची उपलब्ध कराने को कहा, जहां पाइप से पेयजल की आपूर्ति प्रारंभ कर दी गई है। इन गांवों में टैंकर से पानी नहीं पहुंचाया जाएगा। पर्यटन विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाएं खराब थी।
बैठक में अनुपस्थित आवास विकास, नहर प्रखंड और पीएमजेएसवाई के अधिशासी अभियंता को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ जागृति अवस्थी, डीडीओ हेमंत कुमार सिंह, डीएसटीओ संतपाल वर्मा, बीएसए मुकुल देव पांडेय, डीपीआरओ नमिता शरण, डीआईओएस जयराम सिंह आदि मौजूद रहे।