सोनभद्र। समाजवादी पार्टी के व्यापार प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रमेश चंद्र वैश्य सहित दो खदानों में अवैध खनन की पुष्टि हुई है। इस मामले में दोनों लीज स्वामियों सहित तीन के खिलाफ अवैध खनन करने पर डीएम ने बुधवार को नोटिस जारी की है। तीस दिन के भीतर पट्टे धारक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। संतोष जनक जवाब न मिलने पर पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। खदान संचालकों पर पहले भी अवैध खनन में कार्रवाई हो चुकी है। बावजूद चंद अफसरों से सांठ गांठ के नाते चंद दिनों बाद फिर अवैध खनन का सिलसिला चलने लगता है।
सपा व्यापार प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं ओबरा निवासी रमेश चंद्र वैश्य का बिल्ली मारकुंडी के आराजी 4920 में 2. 80 एकड़ में डोलो स्टोन का पट्टा स्वीकृत है। इस खदान में काफी समय से अवैध खनन की शिकायत अफसरों से हो रही थी मगर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। इस पर भाजपा के एक पदाधिकारी ने मामले शिकायत डीएम से की। शिकायत पर 25 नवंबर को राजस्व टीम के साथ खनिज विभाग की टीम जांच की। जांच में पाया गया कि स्वीकृत क्षेत्र से बाहर एक लाख 33 हजार 200 घनमीटर पत्थर अवैध रूप से निकाला गया है। इसी तरह चोपन निवासी राजेश कुमार और फरीदा बेगम की बिल्ली मारकुंडी स्थित आराजी संख्या 7612 में 009 एकड़ में पत्थर का पट्टा स्वीकृत है।
अफसरों को शिकायत मिल रही थी कि यह लोग स्वीकृत क्षेत्र से बढ़कर अवैध खनन करा रहे थे। इस पर रविवार को टीम ने जांच पड़ताल की तो अवैध खनन की पुष्टि हुई। इन खदान स्वामियों ने 4693.36 घनमीटर अवैध रुप से खनन और परिवहन किया गया है। सूत्र बताते हैं अफसरों को पहले भी इन खदानों में अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी मगर हाल ही में पत्थर सिंडिकेट के दबाव के नाते कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। भाजपा के एक पदाधिकारी ने इस मामले की शिकायत करने के साथ ही कार्रवाई न होने पर उच्चधिकारियों को पत्र भेजने की चेतावनी दी थी। इसके बाद आनन फानन में इन खदानों की जांच की गई। वहीं मंगलवार की रात इस मामले को मैनेज करने के लिए बढ़ौली स्थिल एक नेता के मकान पर घंटों पंचायत चलती रही मगर मामला मैनेज नहीं हो सका। डीएम अमित कुमार सिंह ने बताया कि अवैध खनन में बुधवार को नोटिस जारी की गई है। 30 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब न देने पर पट्टा निरस्त किया जाएगा।