दुद्धी। कनहर सिंचाई परियोजना डूब क्षेत्र के गांव में पुनर्वास पैकेज का लाभ पा चुके 1318 विस्थापितों को पुर्नवास कालोनी में विस्थापित होने के लिए प्रशासन ने नोटिस देने का कार्य तेज कर दिया है। सोमवार को राजस्व विभाग व सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने कोरची और बघाड़ में घर-घर जा कर मकान ध्वस्त करने का 138 गृह स्वामी को नोटिस दिया। नोटिस के माध्यम से विस्थापितों को बताया गया कि वे 15 दिन के अंदर मकान खाली कर दें। 15वें दिन से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। अन्यथा प्रशासन ध्वस्त करने का खर्च भी विस्थापितों से वसूलेगी।
अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि पिछले मंगलवार से सभी डूब क्षेत्र के लोगों को बारी-बारी से नोटिस देकर मकान जगह खाली कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी संख्या में लोग विस्थापन पैकेज की धनराशि लेने के बाद भी डूब क्षेत्र से नहीं हटे हैं। ऐसे लोगों को चिह्नित कर हटाये जाने के लिए नोटिस जारी कराया जा रहा है। इस परियोजना में 11 गांव डूब क्षेत्र में है जिसमें हरपुरा, गोहड़ा, भीसूर अमवार सहित 11 गांव शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन सभी विस्थापितों को आवास बनाने के लिए जमीन आवंटन कर दिए गए हैं और सभी को पुनर्वास के पैकेज की धनराशि सात लाख 11 हजार का भुगतान भी दे दिया जा चुका है। बावजूद विस्थापित डूब क्षेत्र की जगह खाली नहीं किए हैं। नोटिस जारी करने के दौरान अवर अभियंता डीके कौशिक, नीरज प्रजापति, मुकेश कुमार व अरुणोदय पांडेय आदि शामिल रहे। नोटिस से विस्तापितों में हड़कंप मचा हुआ है।
डूब क्षेत्र से विस्थापित 15 दिन के भीतर स्वयं नहीं नहीं हटते हैं तो प्रशासन उनके डूब क्षेत्र के मकान को ध्वस्त कर देगा। जिसके जिम्मेदारी विस्थापितों की होगी। - रमेश कुमार, उप जिलाधिकारी, दुद्घी।