धंधरौल बांध की भूमि पर अवैध रूप से रह रहे लोगों को सिंचाई विभाग ने नोटिस जारी की है। उन्हें सात दिनों के अंदर बांध की भूमि खाली करने के निर्देश दिए हैं। करीब डेढ़ सौ लोगों को यह नोटिस जारी की गई है।
उनकी ओर से झोपड़ी, गुमटी रखकर बांध की भूमि कब्जा की गई है। बहुत से लोग उसमें खेती भी कर रहे हैं। नोटिस में यह हिदायत दी गई है कि सात दिनों में वह खुद से कब्जा नहीं हटाते तो बलपूर्वक जमीन खाली कराते हुए उसका हर्जाना भी वसूला जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद खलबली मच गई है।
ब्रिटिश शासन के दौरान वर्ष 1917 में धंधरौल बांध का निर्माण हुआ था। सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जिले के बड़े भू-भाग की सिंचाई इसी बांध पर निर्भर है। रॉबर्ट्सगंज नगर को इससे पेयजल के लिए भी पानी उपलब्ध होता है।
सिंचाई और पेयजल के अलावा यह पर्यटन का भी केंद्र है। बांध की देखभाल का जिम्मा सिंचाई विभाग के मिर्जापुर नहर प्रखंड का है। बांध के आसपास बड़ी संख्या में लोगों ने कच्चे-पक्के निर्माण कर लिए हैं।
गुमटी, झोपड़ी लगाकर दुकानें खोली गई हैं तो तमाम लोग बांध की भूमि में ही खेती भी कर रहे हैं। सिंचाई विभाग की ओर से छिटपुट रूप से उन्हें हटाने की कोशिश की गई, लेकिन सफलता नहीं मिली है।
अब विभाग ने बांध की सुरक्षा का हवाला देते हुए सभी कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 30 से अधिक गांवों के करीब 150 लोगों को नोटिस जारी की गई है। इसकी सूचना भी बांध के आसपास सार्वजनिक रूप से चस्पा कराई गई है।
मिर्जापुर नहर प्रखंड के एक्सईएन की ओर से जारी नोटिस में सभी अतिक्रमणकारियों को सात दिन में बांध की भूमि खाली करने को कहा गया है। अगर तय समय सीमा में भूमि खाली नहीं करते तो विभाग प्रशासन की मदद से सख्ती से कार्रवाई करेगा।
धंधरौल बांध की भूमि पर अनधिकृत रूप से कब्जा कर कुछ लोगों की ओर से खेती की जा रही है। झोपड़ी, गुमटी रखकर भी कब्जा किया गया है। बांध सुरक्षा अधिनियम-2021 के तहत करीब 150 अतिक्रमणकारियों को नोटिस देकर एक सप्ताह में कब्जा खाली करने को कहा गया है। इसके बाद बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
-हीरालाल, उप राजस्व अधिकारी, मिर्जापुर, नहर प्रखंड।