करीब नौ माह बाद भी इन विद्यालयों में बिजली नहीं पहुंच पाई है। इसी तरह बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से रॉबर्ट्सगंज डिवीजन के 77 विद्यालयों के लिए दो करोड़ और पिपरी डिवीजन के 201 विद्यालयों के लिए 18 करोड़ की धनराशि ट्रांसफर की गई थी।
पूरा सत्र बीतने के बाद भी इनमें से ज्यादातर स्कूलों में बिजली नहीं पहुंच सकी। कुछ जगहों पर निगम की ओर से तार, पोल और ट्रांसफॉर्मर जरूर लगाए गए, मगर स्कूल में बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया। नए शिक्षण सत्र के साथ स्कूलों में पढ़ाई शुरू हुई तो गर्मी में बिजली न होने से वहां व्यवस्था चरमरा गई है। भीषण गर्मी में बच्चे-शिक्षक पठन-पाठन को विवश हैं।
बिजली के अभाव में पानी नहीं, पंखा, स्मार्ट क्लास शो पीस
छात्र-छात्राओं को तकनीक आधारित शिक्षा से जोड़ने के लिए विद्यालयों में विभिन्न कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं। स्कूलों में आईसीटी लैब स्थापित किया गया है। स्मार्ट क्लास बनाए गए हैं, मगर बिजली के अभाव में सब शोपीस बने हुए हैं। कमरों में लगे पंखा, कूलर भी नहीं चल रहे। सबमर्सिबल पंप न चलने से पेयजल की व्यवस्था प्रभावित है। ऐसे में बच्चों को दुश्वारियों के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
कनेक्शन के लिए अलग से मांगी जा रही राशि
राजकीय हाईस्कूल चिचलिक तक बिजली पहुंचाने के लिए निगम की ओर से 2.72 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया था। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से यह राशि विभाग को ट्रांसफर भी कर दी गई, लेकिन अब वहां कनेक्शन के लिए 11 हजार रुपये की धनराशि की मांग की गई है। प्रधानाचार्य को प्रेषित संदेश में यह कहा गया है कि यह धनराशि देने पर ही कनेक्शन हो पाएगा।
बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों में विद्युतीकरण के लिए बिजली निगम को गत वर्ष ही 20 करोड़ से अधिक की धनराशि भेजी जा चुकी है। अभी तक विद्यालयों में बिजली कनेक्शन का कार्य नहीं हो पाया है। इसके लिए लगातार निगम के अफसरों से पत्राचार किया जा रहा है। बिजली के अभाव में कार्य प्रभावित हैं। - अरविंद सिंह चौहान, जिला समन्वयक, समग्र शिक्षा।
प्राप्त धनराशि के अनुसार ज्यादातर विद्यालयों में विद्युतीकरण का कार्य कराया जा चुका है। जो भी विद्यालय अवशेष बचे हैं, वहां भी शीघ्र बिजली पहुंच जाएगी। इसके लिए संबंधित एक्सईएन को निर्देशित किया गया है। - इं. ज्ञानेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम।