घोरावल क्षेत्र में मगरमच्छ को पकड कर ले जाते कर्मी। स्रोत स्वयं
घोरावल। कोतवाली क्षेत्र के बिसरेखी गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब आवासीय बस्ती में करीब नौ फीट लंबा मगरमच्छ दिखाई दिया। बांस के पास से निकलकर मगरमच्छ रमेश विश्वकर्मा के घर की ओर बढ़ रहा था। मगरमच्छ को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
ग्रामीणों ने बिना जोखिम उठाए तत्काल वन विभाग को सूचना दी। वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार के निर्देश पर वन दारोगा राजन मिश्रा, वन्य जीव रक्षक राहुल कुमार, विशाल कुमार, उज्जवल पांडेय और ओमप्रकाश की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने रस्सी, नेट और बांस की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद मगरमच्छ को काबू में कर लिया गया। टीम मगरमच्छ को वाहन से मुक्खा फाल के जलाशय में ले गई, जहां उसे छोड़ दिया गया। मगरमच्छ के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन क्षेत्राधिकारी ज्ञानेश कुमार ने बताया कि बिसरेखी गांव की आबादी से करीब नौ फीट लंबी मादा मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है। बारिश के मौसम में बेलन और बकहर नदियों, नहरों तथा तालाबों का जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छों के आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने ग्रामीणों से जलस्रोतों, खेतों और झाड़ियों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की।