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Sonebhadra News: कोने में बना रैन बसेरा, ढूंढने में ही लग जाएगी ठंड

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अनपरा। ठंड का असर बढ़ने लगा है। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री तक पहुंच गया है। सुबह-शाम की ठंड में लोग ठिठुर रहे हैं। कहने के लिए तो ठंड से बचाव के लिए रैन बसेरा बना दिया गया है, लेकिन मुख्य चौराहे और बस स्टैंड से दूर एक कोने में होने के कारण ज्यादातर लोग पहुंच नहीं पा रहे हैं। सर्द रातों में रैन बसेरा ढूंढने में ही लोगों को ठंड लग सकती है। सार्वजनिक स्थलों पर अब तक अलाव की भी व्यवस्था नहीं हो पाई है। ऐसे में बस स्टैंडों पर राहगीर ठिठुरने के लिए विवश हैं।
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ठंड को देखते हुए नगर प्रशासन ने औड़ी-सिंगरौली मार्ग पर पुराने ग्राम सचिवालय में बने रैन बसेरे को चालू तो करा दिया है, लेकिन नेहरू चौक से रैन बसेरा 500 मीटर दूर है। वहां लोगों को पैदल जाना पड़ेगा। नेहरू चौक और काशीमोड़ बस स्टैंड से रात में बसों पर यात्री चढ़ते-उतरते हैं। वहां सर्द हवाओं से बचने के लिए जगह नहीं है। लोग हाईवे किनारे आड़ में खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। मजदूर और ठेला-रिक्शा चालक जगह ढूंढ कर सो जाते हैं। अलाव की भी व्यवस्था नहीं की गई है। ठंड से बचने के लिए रात 12 बजे तक लोग होटलों की भट्ठी के आगे खड़े रहते हैं। रात में चौराहों पर ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को भी समस्या होती है।

औड़ीमोड़ पर पुराने ग्राम सचिवालय की सफाई कराकर रैन बसेरा चालू करा दिया गया है। चौराहे और बस स्टैंड पर रैन बसेरा बनाने के लिए जमीन तलाश की जा रही है। प्रमुख जगहों पर जल्द अलाव की व्यवस्था कराई जाएगी। -अर्पणा मिश्रा अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत अनपरा।
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50 बेड का स्थायी रैन बसेरा, नहीं पहुंचते लोग
सोनभद्र। जिला मुख्यालय पर रॉबर्ट्सगंज में 50 बेड का स्थायी रैन बसेरा है। यहां बेड पर गद्दा, कंबल, तकिया सहित अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध है, मगर जानकारी के अभाव में लोग पहुंच नहीं पा रहे हैं। फिलहाल यहां 10-12 लोग ही शरण पा रहे हैं। नगर पालिका के निर्देशन में संचालित रैन बसेरा बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से काफी दूर है। चौराहों-तिराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर इसके बारे में सूचना देने वाले बोर्ड भी नहीं लगाए जा सके हैं, ताकि बाहर से आने वाले लोग आसानी से पहुंच सकें। इसके अलावा आधार कार्ड की बाध्यता भी परेशानी का कारण बन रही है।
ओबरा में चालू हुआ रैन बसेरा
ओबरा। ओबरा नगर पंचायत के रैन बसेरे में बुधवार को व्यवस्था चाक चौबंद कर दी गई। केयर टेकर सुधीर जायसवाल ने बताया कि बेड पर कंबल लगा हुआ है। पांच से दस लोग ठहरने के लिए आ रहे हैं। ओबरा थाने के पास बनाए गए रैन बसेरे में फिलहाल 10 चौकियों पर बिस्तर की व्यवस्था है। ईओ मधुसूदन जायसवाल ने बताया कि रैन बसेरे की देखभाल के लिए सुपरवाइजर नियुक्त किया गया है। यहां पर अलाव, पेयजल आदि जरूरी चीजों की व्यवस्था है। आवश्यकतानुसार बिस्तर बढ़ाए जाएंगे। नगर के प्रमुख स्थानों पर अलाव की व्यवस्था के भी इंतजाम किए गए हैं।
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