अनपरा। ऊर्जांचल में मालवाहकों से राख परिवहन का मामला एनजीटी पहुंच गया है। छात्र संगठन एनएसयूआई के प्रदेश सचिव ने ओवरसाइट कमेटी के चेयरमैन को पत्र लिखा है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव अंकुश दुबे ने प्रेषित पत्र में आरोप लगाया है कि राख परिवहन के लिए नेशनल ग्रीन टिब्यूनल की ओर से पारित आदेश में निर्धारित गाइडलाइन का उल्लंघन कर क्षेत्र में धड़ल्ले से राख का परिवहन किया जा रहा है। डंपर, हाइवा व ट्रक आदि मालवाहकों से तिरपाल से ढंककर ओवरलोड राख का परिवहन किया जा रहा है। ओवरलोड परिवहन के कारण सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग व प्रशासन की उदासीनता के कारण मालवाहकों से राख परिवहन का ग्राफ निरंतर बढ़ते जाने से लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। संबंधित क्षेत्रों में 24 घंटे राख मिश्रित धूल की धुंध छाई रह रही है।
आदेश के अनुपालन की निगरानी करती है ओवरसाइट कमेटी
बिजली घरों से उत्सर्जित राख के परिवहन के लिए एनजीटी द्वारा अश्वनी कुमार दुबे बनाम यूनियन आफ इंडिया एंड अदर्स के मामले में 28 अगस्त 2018 को वृहद आदेश पारित किया गया है। इसमें गाइड लाइन के अनुपालन के बिंदुओं की विस्तृत व्याख्या की गई है। औद्योगिक इकाईयों व प्रदूषण नियंत्रण विभाग द्वारा उक्त आदेश के अनुपालन की निगरानी के लिए एनजीटी द्वारा ओवरसाइट कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी समय-समय पर प्रदूषण विभाग, जिला प्रशासन व औद्योगिक इकाईयों के प्रबंधकों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करती है।
एनजीटी की ओर से बंद कंटेनरों में राख परिवहन का आदेश दिया गया है। अगर किसी प्रकार की अनियमितता की शिकायत है तो ओवरसाइट कमेटी के निर्देश पर तत्काल समुचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। - डॉ. टीएन सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सोनभद्र।