सोनभद्र। जिला अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच विंग में उपचार के लिए पहुंचे नवजात की मौत हो गई। एमसीएच में चिकित्सकों के भर्ती न लेने पर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। वहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया।
जिले में गर्भवती व नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम महज कागजों में ही संचालित किए जा रहे हैं। अभी दो सप्ताह पूर्व दुद्धी क्षेत्र निवासी नौ माह की गर्भवती ने बेहतर उपचार के अभाव में दम तोड़ दिया था तो अब एक नवजात की मौत बेहतर उपचार के अभाव में होने की बात सामने आ रही है। चोपन थाना क्षेत्र के पटवध निवासी एक आंख से दिव्यांग अवधेश की पत्नी ने शनिवार को दो बच्चों को जन्म दिया था। बीमार होने पर परिजन उसे लेकर सीएचसी चाेपन पहुंचे थे। वहां स्थिति गंभीर देख दोनों को ऑक्सीजन लगाकर एमसीएच विंग राॅबर्ट्सगंज के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि एंबुलेंस चालक ने वहां उन्हें उतार दिया। दोनों को बेड खाली न होने की बात कहते हुए वापस कर दिया गया। पैदल ही गोदी में बिना कपड़े के तेज धूप में परिजन दोनों बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। तब तक एक बच्चे की मौत हो चुकी थी। जिला अस्पताल में एक बच्चे को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। इस दौरान दिव्यांग पिता ने बिलखते हुए कहा कि काश एमसीएच विंग न जाकर जिला अस्पताल आया होता तो बच्चा बच सकता था। एमसीएच विंग के अधीक्षक डॉ. डीके सिंह ने बताया कि बच्चे की पहले ही मौत हो चुकी थी।