माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जिले में पांच नए राजकीय हाईस्कूल खोले जाएंगे। यह स्कूल घोरावल के भैसवार, कन्हारी, चोपन के नवाटोला, बैरपुर और बभनी के घघरी गांव में बनेंगे। इन विद्यालयों की स्थापना सुदूर आदिवासी बहुल क्षेत्रों में होगी।
भवन निर्माण के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। शासन स्तर से कार्यदायी संस्था नामित करने की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही धनराशि अवमुक्त होने के साथ इनका निर्माण शुरू हो जाएगा। वर्ष 2026 से इन विद्यालयों का संचालन किया जाना है।
नीति आयोग की ओर से आकांक्षी जिले में चयनित सोनभद्र में शिक्षा व्यवस्था का बुरा हाल है। प्राथमिक शिक्षा के लिए गांव-गांव स्कूल खोले गए हैं, लेकिन उसके बाद की पढ़ाई मुश्किल रहती है।
आठवीं के बाद बच्चों को कई किमी दूर जाना पड़ता है। अधिक दूरी के चलते ही कई बार बच्चों की पढ़ाई छूट जाती है। खास तौर से लड़कियों को शिक्षा हासिल करने में चुनौती आती है।
माध्यमिक शिक्षा की इन्हीं चुनौतियों को दूर करने के लिए सरकार सुदूर इलाकों में भी नए हाईस्कूल खोल रही है। आठवीं के विद्यालयों को भी उच्चीकृत भी किया जा रहा है। शासन स्तर से ही मैपिंग के आधार पर जगह का चयन किया गया है।
पिछले साल 13 हाईस्कूल को स्वीकृति मिली थी। अब नए सत्र में पांच नए राजकीय हाईस्कूल खोलने को शासन ने मंजूरी दी है।
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बन रहे 11 नए इंटर कॉलेज और 13 हाईस्कूल
वर्ष 2024 में शासन ने 11 हाईस्कूल को इंटर में अपग्रेड किया था। इसके अलावा 13 नए हाईस्कूल स्वीकृत किए थे। सभी स्थानों पर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। जिले में अभी 18 इंटर कॉलेज और 38 हाईस्कूल संचालित हैं। 18 नए हाईस्कूल की स्थापना के बाद यह संख्या 74 पहुंच जाएगी। माना जा रहा है कि इससे माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हाेगी।
शासन ने जिले में पांच नए राजकीय हाईस्कूल स्वीकृत किए हैं। यह सुदूर आदिवासी बहुल इलाकों में स्थापित होंगे। शासन स्तर से कार्यदाई संस्था नामित की जा रही है। जल्द ही भवन का निर्माण शुरू हो जाएगा। वर्ष 2026 से इन विद्यालयों का संचालन करने का लक्ष्य है। इससे पहले ही भवन निर्माण की प्रक्रिया पूरी की जानी है।
-जयराम सिंह, डीआईओएस।