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Sonebhadra News: कभी नक्सलियों का था कहर, अब बिजली से रोशन होंगे शहर

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सोनभद्र। यूपी के जिन इलाकों में कभी नक्सलियों का खौफ होता था, अब वहां विकास की नई तस्वीर बनेगी। सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली के नक्सल प्रभावित इलाके पॉवर हब बनने जा रहे हैं।
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पंप स्टोरेज पर आधारित बिजली उत्पादन की आठ इकाइयां इन इलाकों में स्थापित होंगी। 67 हजार करोड़ के निवेश के साथ इन इकाइयों से 13 हजार से अधिक मेगावाट बिजली बनेगी, जिससे देश-प्रदेश के तमाम बड़े शहर रोशन होंगे। यही नहीं, इन परियोजनाओं की स्थापना से हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
यूपी को देश का ग्रोथ इंजन बनाने में जुटी सरकार की ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश होने जा रहा है। बिजली बनाने वाली इकाइयां स्थापित करने के लिए निवेशकों ने पूर्वांचल के उन जिलाें को चुना है, जो विकास के मानकों पर अरसे से पीछे रहे हैं। इस पिछड़ेपन के कारण ही इन इलाकों में नक्सलवाद को पनपने का मौका मिला था। नक्सलियों का गढ़ रह चुके इन क्षेत्रों की तस्वीर बदलने के लिए वहां विकास की इबारत लिखने की कवायद जारी है। इसके लिए निवेशकों की मदद ली जा रही है।
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सोन, कनहर, कर्मनाशा नदी और इन पर बने बांधों के माध्यम से पंप स्टोरेज वाली बिजली परियोजनाएं स्थापित करने के लिए 67 हजार करोड़ का निवेश होना है। इसके लिए जमीन चिह्नांकन, विभिन्न विभागों की एनओसी, जल आवंटन सहित अन्य प्रक्रियाओं को पूरी करने के बाद अब इसे धरातल पर उतारने की तैयारी है। लखनऊ में 19 फरवरी को होने वाले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में इनका शिलान्यास किया जाएगा।

क्लीन और ग्रीन ऊर्जा का स्रोत
सोन नदी पर आधारित पंप स्टोरेज प्लांट पर्यावरण के लिहाज से भी अनुकूल माना जाता है। इस परियोजना में नदी से पानी लेकर ऊपरी रिजरवायर में भंडारित किया जाएगा। इसके बाद जरूरत के अनुसार पानी को निचले रिजरवायर में लाकर बिजली उत्पादित की जाएगी। तापीय परियोजनाओं की तरह इसमें प्रदूषण की संभावना नहीं रहती।


जिला यह कंपनियां करेंगी निवेश पावर प्लांट की क्षमता निवेश राशि (करोड़ रुपये में)
सोनभद्र: ग्रीनको ग्रुप 3660 17181
सोनभद्र: जेएसडब्ल्यू नियो 1200 5530
सोनभद्र: टोरंट पावर (दो इकाई) 4150 23000
सोनभद्र: अबाडा बैट्री: 1120: 6119
सोनभद्र: अमूरा ग्रुप: 1620: 7374
मिर्जापुर-चंदौली: एसीएमई ग्रुप (दो इकाई): 2620: 6551

सोनभद्र से 22 निवेशक जाएंगे लखनऊ
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में हिस्सा लेने के लिए जिले के 22 निवेशकों को लखनऊ में आमंत्रित किया गया है। वह प्रधानमंत्री की मौजूदगी में होने वाले समारोह में भूमिपूजन के साक्षी बनेंगे।
यह सभी परियोजनाएं 10 करोड़ से अधिक की धनराशि वाली हैं। लखनऊ जाने वालों में ग्रीनको ग्रुप के अनिल कुमार, टोरंट पॉवर से निसर्ग सिंह, अमूरा इंफ्राटेक से ए. बाबू, अबाडा वाटर बैट्री से अंगुष्मान रुद्र, जेएसडब्ल्यू से प्रवीन पुरी, एनटीपीसी से प्रवीण सक्सेना, आरईसी से डीके गुप्ता, काशी विश्वनाथ डेयरी की रीना देवी, एनएमएस मैन्यूफक्चर्स के मिथिलेश सिंह, रंजना डेयरी से रंजना देवी, वेलअप ब्रूइंग के वेदांत चोपड़ा, स्टीलेक्स के अनिमेष जायसवाल, अनुपम हार्डवेयर की अर्चना कुमारी शामिल हैं।

देश को ऊर्जा देने में सोनभद्र का सबसे बड़ा योगदान
मौजूदा समय में देश की बिजली जरूरतों को पूरा करने में सोनभद्र का बड़ा योगदान है। यहां पिपरी में निर्मित पं. गोविंद बल्लभ पंत सागर (रिहंद जलाशय) से करीब 20 हजार मेगावाट से अधिक बिजली बनती है। इसमें अकेले 9760 मेगावाट एनटीपीसी की तीन परियोजनाओं से उत्पादन होता है। इसके अलावा, उप्र राज्य उत्पादन निगम की अनपरा, ओबरा, लैंको, रेणुसागर परियोजना यूपी में और रिलायंस, एस्सार के पावर प्लांट एमपी की सीमा में हैं। यह सभी तापीय परियोजनाएं हैं, जबकि नई परियोजना पंप स्टोरेज वाली हैं।

वर्जन...
ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमेनी में जिले की 51 परियोजनाओं के माध्यम से 1.21 लाख करोड़ का निवेश होना है। दस करोड़ से अधिक की 22 परियोजनाओं के निवेशक लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह में हिस्सा लेंगे। शेष परियोजनाओं का शिलान्यास जिलास्तर पर होगा। - नितिन प्रकाश, निवेश मित्र
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