राबर्ट्सगंज स्थित एक होटल में गालिब जयंती पर कवि सम्मेलन मुशायरा में काव्य पाठ करते कवि।
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राबर्ट्सगंज नगर स्थित एक होटल में सोमवार की रात गालिब जयंती पर मित्रमंच फाउंडेशन की ओर से 19वां कवि सम्मेलन हुआ। कवि प्रद्युम्न त्रिपाठी ने ‘हिंद की सरजमीं के जतन के लिए, मौत से लड़ रहे हैं अमन के लिए, मां का मेरे न हो दाग दामन कभी, सर काटते रहेंगे वतन के लिए...’ सुनाकर देशभक्ति भाव से भर दिया। मुख्य अतिथि जिला जज एफटीसी संजय हरि शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
देश और प्रदेश के कवियों ने एक से बढ़ कर एक कविता सुनाकर उपस्थित लोगों के दिलों में घर कर लिया। डॉ. शाद मशरिकी ने प्रेम रस की कविताओं से लोगों के मनों को मोह लिया। जमजम रामनगरी ने औरतों के पहनावे और परिवेश को भूलने पर कविताएं सुनाईं। हसन सोनभद्री ने पहली बार किसी खास से मिलने के एहसास को कविता के माध्यम से लोगों के सामने रखा। पंडित प्रेम बरेलवी और विकास वर्मा ने भी अपनी रचनाओं से वाहवाही लूटी। राधेश्याम बंका, उमेश जालान, जेवी सिंह, साजिद अली, धर्मराज जैन, फरीद अहमद, अशोक श्रीवास्तव, विमल जैन, संदीप चौरसिया, अमित वर्मा, मुरली अग्रवाल, प्रमोद श्रीवास्तव, विनोद कुमार चौबे, आलोक वर्मा आदि मौजूद रहे।