काफी देर तक उनका पता नहीं चला तो चिंता बढ़ने लगी थी। बाद में तीस मीटर दूर तालाब में दोनों बच्चों के शव बरामद हुए। इसके बाद से ही रंगीला की मां बालकुमारी सदमे में है तो गांधी की मां पानमति भी सुध-बुध खो चुकी हैं। दोनों बार-बार अपने बच्चों का नाम पुकारते हुए बेहोश हो जा रही हैं।
परिवार के अन्य सदस्य उन्हें संभालने में जुटे रहे। रंगीला दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई दो वर्ष तो एक बड़ी बहन छह वर्ष की है। वहीं गांधी को भी एक दो साल की बहन है। रविवार को दोनाें बच्चों के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद अंतिम संस्कार हुआ।